अगहन मेला के तीसरे मंगलवार को लगा रहा श्रद्धालुओं का ताँता।

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राजापुर चित्रकूट- गोस्वामी तुलसीदास जी की जन्मभूमि राजापुर के ऐतिहासिक हनुमान मंदिर में अगहन मेले के तीसरे मंगलवार को नर – नारियों का सुबह से दर्शनों के लिए ताँता लगा रहा । वहीं पुलिस की सख्त सुरक्षा के बीच लगभग 50000 लोगों ने दर्शन किए।

अगहन मेले के तीसरे मंगलवार को कस्बा सहित कौशाम्बी , फतेहपुर , प्रयागराज , चित्रकूट , बाँदा के श्रद्धालुओं का सुबह से ऐतिहासक हनुमान मंदिर में संकट मोचन के दर्शन के लिए ताँता लगा रहा।

हनुमान मन्दिर के पुजारी सूर्यप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि संवत 1620 से लेकर संवत 1631 तक रामचरितमानस के रचयिता सन्त सिरोमणि गोस्वामी तुलसीदास जी ने अपने घर के पश्चिम दिशा में पड़ी एक शिला में चंदन से हनुमान प्रतिमा को बनाकर पूजा – अर्चना किया करते थे। एक दिन उस आकृति का विसर्जन करना भूल गए तभी से यह चंदन से युक्त हनुमान आकृति उस शिला में विद्यमान है, और श्रद्धालुओं के द्वारा पूजा – अर्चना किया जाने लगा।

अगहन मेले के तीसरे मंगल जबकि हनुमान मन्दिर में सुबह से एसआई अर्पित पाण्डेय, एसआई दीपक यादव व महिला कॉन्स्टेबल मोनिका तिवारी,बबिता यादव, सहित तमाम सुरक्षाकर्मी तैनात रहे।

कार्तिक पूर्णिमा से अगहन पूर्णिमा तक पूरे एक माह मंगलवार , शनिवार , अमावस्या तथा पूर्णिमा के दिन कस्बा सहित क्षेत्र के सैकड़ों गाँवों व विभिन्न जनपदों के श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मेले में खोया और चीनी से निर्मित लड्डू ही प्रसाद के रूप में चढ़ाया जाता है। सौन्दर्य प्रसाधन , नारियल , फूल – माला आदि की दुकानें मेले में सजी रहीं। महिलाएँ व बच्चे झूले का खूब लुत्फ उठाते रहे। दुकानदार बताते हैं कि अगहन मेला का तीसरा मंगलवार है नर नारी और बच्चे दर्शन के बाद मेले का आनंद लेते रहे तथा ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा फतेहपुर कौशांबी इलाहाबाद के भक्तों ने मेले के विशाल प्रांगण में वृहद भंडारे का आयोजन किए गए।