अनियोजित जल निकासी से गिरते वाटर लेवल के कारण पेयजल संकट : राघवेन्द्र पांडेय

अनियोजित जल निकासी से गिरते वाटर लेवल के कारण पेयजल संकट : राघवेन्द्र पांडेय

हैंडपंप सुधार व जल कूपों का जीर्णोद्धार ही पहली प्राथमिकता : प्रज्ञादीप

जगम्मनपुर, जालौन । पंचनद तीर्थ क्षेत्र की बड़ी ग्राम पंचायत जगम्मनपुर में ग्रामीणों द्वारा भूगर्भीय जल का अनियोजित ढंग से दोहन किए जाने के कारण वाटर लेवल निरंतर गिरने से पेयजल संकट गहरा रहा है।
विकासखंड रामपुरा अंतर्गत ग्राम पंचायत जगम्मनपुर 10 हजार से अधिक आबादी वाला, देशी रियासत जगम्मनपुर की राजधानी एवं पूर्व में विकसित कस्बा रहा है । आजादी के बाद वर्ष 1952 में जब देसी रियासतों का अस्तित्व समाप्त हुआ , संपूर्ण व्यवस्था प्रदेश एवं केंद्र की निर्वाचित सरकारों के हाथ पहुंच गई तब से जगम्मनपुर का विकास पतनमार्गी हो निरंतर दुर्दशा की चला गया और आज अपने पुराने दिनों की मधुर स्मृतियों के साथ वर्तमान स्थिति पर आंसू बहा रहा है । 75 वर्षीय भिखारी लाल प्रजापत बताते हैं कि रियासतें खत्म हो जाने के बाद भी हमने जगम्मनपुर का वैभव देखा है उस समय गांव में लगभग 55 कुआं संपूर्ण आबादी को जलापूर्ति करते थे , कालांतर में यहां नलकूप एवं पानी की टंकी से सप्लाई शुरू होने तथा बाद में हैंडपंपो की दनादन बोरिंग होने के कारण परंपरागत कुआं अनुपयोगी होने से उपेक्षित हो गए । ग्राम जगम्मनपुर में लगभग 120 हैंडपंपों के करीब 35 हैंडपंपों में समरसेबल पंप से अधिक जल मात्रा में जल दोहन होने एवं आधुनिकता की रफ्तार में मशगूल लोगों के द्वारा गांव के अंदर वाटर रिचार्जिंग की कोई समुचित व्यवस्था न होने से प्रतिवर्ष लगभग 4-5 फुट वाटर लेवल गिरता जा रहा है परिणाम स्वरूप प्रतिवर्ष ग्रीष्म ऋतु में अधिकांश हैंडपंप पानी की सप्लाई देना बंद कर देते हैं जिसके कारण संपूर्ण गांव में पेयजल की किल्लत प्रारंभ हो जाती है । जल संस्थान द्वारा वाटर सप्लाई का आलम यह है कि वर्ष 1974 में पाइप लाइन बिछाई गई थी ।.पैंतालीस वर्ष पुरानी पाइप लाइनें जर्जर होकर जगह-जगह लीकेज होने से नलों में संक्रमित बदबूदार पानी आता है ।.इस संदर्भ में विभागीय जुम्मेदार अधिकारी बजट का रोना रोकर अपनी मजबूरी व्यक्त कर देते हैं । गांव के अनेक मोहल्लों में पानी के लिए ग्रामीणों को हैंड पंप पर लाइन लगाकर पानी भरने को मजबूर होना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान जगम्मनपुर प्रज्ञादीप गौतम ने बताया कि गांव के लगभग 25 हैंडपंप खराब होने से पेयजल संकट उत्पन्न हुआ था लेकिन जिसमें 18 हैंडपंप ठीक कराए जा चुके हैं शेष 7 हैंडपंप का प्लेटफार्म सड़क से नीचे होने य अन्य और किसी बडे कारण ठीक नहीं हो पाए है उन्हें भी शीघ्र ठीक कराया जाएगा एवं गांव के जर्जर हो रहे कुआं को चिन्हित कर उनका जीर्णोद्धार एवं उनकी तलहटी में जमा कचरा निकाल कर निर्मल जल निकालने का कार्य प्राथमिकता से होगा । जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि राघवेंद्र पांडे ने बताया कि हमारा संकल्प गांव के प्राचीन परंपरागत जलकूपों को संरक्षित कर पेयजल की किल्लत दूर करना है और इस दिशा में मैंने कार्य प्रारंभ भी कर दिया तथा कई बंद पडे कूपों की सफाई करवा दी गई है और उनमें निर्मल जल प्रवाहित हो गया है और यह कार्य निरंतर चलता रहेगा।