अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू होने के बाद अब साधु संतों की

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अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर का निर्माण शुरू होने के बाद अब साधु संतों की सर्वोच्च संस्था अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने काशी और मथुरा को मुक्त कराने का बड़ा ऐलान कर दिया है। प्रयागराज के मठ बाघम्बरी गद्दी में आयोजित अखाड़ा परिषद की महत्वपूर्ण बैठक में सभी तेरह अखाड़ों के प्रतिनिधियों ने काशी और मथुरा को मुक्त कराए जाने के लिए विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से सहयोग मांगा है । अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद की बैठक में साधु संतों ने कुल आठ प्रस्तावों पर अपनी सहमति व्यक्त की ।

 

बैठक में अयोध्या के बाद अब काशी-मथुरा को भी मुक्त कराने के लिये रणनीति तैयार की गई है और काशी और मथुरा को स्वेच्छा से हिंदुओं को सौंपने की अखाड़ा परिषद ने अपील की है। साधु संतों और अखाड़ा परिषद के सदस्यों ने कहा है कि काशी और मथुरा को मुक्त कराने के लिए वीएचपी और आरएसएस के साथ ही अन्य हिन्दूवादी संगठनों की मदद से अखाड़ा परिषद बड़ा आंदोलन खड़ा करेगा। इस दौरान अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि आम सहमति न बनने पर संवैधानिक तरीके से कोर्ट के माध्यम से कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।

 

वहीं प्रयागराज में जनवरी में होने वाले माघ मेले पर रोक न लगाने की अखाड़ा परिषद ने सरकार से अपील की है और केंद्र और राज्य सरकार की गाइड लाइन के मुताबिक हो माघ मेले का आयोजन करने की बात कही है। बढ़ते लव जेहाद के मामले में सीएम योगी आदित्यनाथ द्वारा की गयी कार्यवाही के लिए अखाड़ा परिषद ने सीएम को धन्यवाद दिया है। बैठक में महंत नरेंद्र गिरी ने कहा है कि यूपी में योगी की सक्षम सरकार है और यूपी में मुस्लिम बहुल इलाकों में रहने वाले हिंदुओं को डरने की ज़रूरत नही है लेकिन महाराष्ट्र में साधू असुरक्षित है और उनकी हत्याएं हो रही है। इसबीच पालघर की घटना की सीबीआई से जांच की कराने की भी मांग की गई ।