आजादी के बाद भी सड़क के लिए तरस रहा मजरा तिवारी पुरवा

आजादी के बाद भी सड़क के लिए तरस रहा मजरा तिवारी पुरवा

जरा बारिश क्या हुई तिरहार में नेताओं का विकास सामने आ गया*

राजापुर/चित्रकूट -राजापुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत रायपुर के मजरा तिवारी का पुरवा आने जाने के लिए आजादी के बाद से आज तक कोई भी सड़क नहीं है ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं उत्तर प्रदेश सरकार से मांग किया है कि ग्राम विकास योजना के अंतर्गत सड़क बनवाने की मांग किया है । बताते बताते चलें कि राजापुर तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत रायपुर के मजरा तिवारी का पुरवा आजादी के 74 वर्ष बीत जाने जाने के बावजूद भी आज तक यातायात हेतु किसी भी प्रकार की कोई सड़क नहीं है जब बरसात के समय प्रसव की वेदना से तड़प तड़प कर महिलाएं जूझ रही होती हैं तब परिजन उसे मेन रोड लाने के लिए चारपाई का प्रयोग करते हुए अस्पताल ले जाने का काम करते हैं गांव के मनीष कुमार, देवनारायण तिवारी,अनुपम तिवारी, रामप्रकाश तिवारी,भोला खान ,लालू खान ,शिवचंद ने बताया की इस मजरा के लिए एक नहर रोड तक की सरधुआ रोड से एक उबड़ खाबड़ रोड कुछ दूर तक जाती है इसके बाद बरसात में मजरा टापू बन जाता है जिससे वहां के निवासियों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो जाता है तथा जानवरों के लिए भी आने जाने का कोई रास्ता नहीं रहता है आजादी के बाद से कई सरकारों ने उत्तर प्रदेश ग्राम विकास के नाम पर कार्य तो कराए जाते हैं लेकिन इस मजरा के लिए कोई भी जनप्रतिनिधि ने आज तक सुध नहीं ली। जब चुनाव का समय आता है तो अनेक पार्टियों के नेताओं के द्वारा थोड़ा आश्वासन देकर चले जाते हैं और जीतने के बाद आज तक कभी भी इस मजरे के लिए कार्य नहीं किया जाता है जबकि ग्राम पंचायतों की तरफ से महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनेरगा) के तहत गांव में कार्य कराया जाता है लेकिन इस मजरे के लिए आज तक कोई भी कार्य नहीं कराया गया है । ग्रामीणों ने जिलाधिकारी व उपजिलाधिकारी राजापुर से पुरजोर मांग किया है की महिलाओं,ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए अविलंब तिवारी पुरवा तक पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए।