उत्पीड़न से परेशान पत्रकारों ने माधौगढ़ उप जिलाधिकारी सालिकराम को दिया ज्ञापन।

उत्पीड़न से परेशान पत्रकारों ने माधौगढ़ उप जिलाधिकारी सालिकराम को दिया ज्ञापन।

माधौगढ़:- जिला जालौन से जहाँ पुलिस की दबंगाई रवैया से जनता तो परेशान है ही अब पत्रकारों को कवरेज करना भी मुश्किल हो गया है। बतादेकि पुलिस की दमनकारी और उत्पीड़णात्मक कार्यवाही के लगातार शिकार हो रहे हैं पत्रकारों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। इसी को लेकर आज पत्रकारों ने माधौगढ के तहसील में धरना प्रदर्शन किया साथ ही उपजिलाधिकारी सालिकराम को ज्ञापन देकर पत्रकारों का उत्पीड़न बंद करने की मांग की है।माधौगढ के तहसील में पत्रकार के अध्यक्ष अखिलेश सविता के नेतृत्व में उप जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया है। इस मौके पर अखिलेश सविता,प्रिंस द्विवेदी,सुखदेव ,सुरेन्द्र श्रीवास्तव अवधेश, मानसिंह, मोनू शर्मा, राजा राजावत, मनोज शिवहरे, पवन याज्ञिक,अंजनी कुमार सोनी,दीपक उदैनिया,महेन्द्र गौतम विनोद ,डॉ बेदप्रकाश याज्ञिक,संतोष याज्ञिक,मनोज सिंह, वीरप्रताप अरविंद सिंह,दीपक सिंह राजावत, सर्वेश कुमार,प्रदीप कुमार ,सौरभ कुमार, सर्वेश सिंह,भोला पाठक, नीलकमल याज्ञिक ,सियाराम, प्रदीप कुमार, विपिन कशवाहा ,आदि कई पत्रकारों ने धरना प्रदर्शन किया, जहां उन्होंने उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देते हुए बताया कि पत्रकारों को लगातार निशाना बनाकर उन को दबाव में लेने का पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रयास किया जा रहा है पत्रकारों ने अवगत कराते हुए बताया कि मंडी चौकी इंचार्ज अभिषेक सिंह की अखबारों में खबर प्रकाशित होने पर कोतवाली उरई द्वारा अज्ञात पत्रकारों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया जो कि सीधे तौर पर पत्रकारों को दबाव में लेने का प्रयास है इसके अलावा कालपी के मांगरोल में पत्रकार अवधेश बाजपेई रामपुरा के पत्रकार और उरई के पत्रकार साथियों पर पुलिस मामले दर्ज कर चुकी है तो वहीं सीओ सिटी द्वारा मीडिया कवरेज के दौरान पत्रकार साथियों द्वारा बनाए गए वीडियो को सीईओ द्वारा मोबाइल छीन कर डिलीट करा दिया था जो सीधे तौर पर पत्रकारों पर हनन है जिससे पत्रकारों में गहरी नाराजगी है उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की है कि पत्रकार अपना काम इमानदारी से कर रहे हैं लेकिन पुलिस अधिकारी लगातार पत्रकारों को प्रताड़ित कर रहे हैं जबकि कोरोना काल में पत्रकार अपनी जान जोखिम में डालकर खबर पब्लिश कर रहे हैं वही मुख्यमंत्री द्वारा भी पत्रकारों को सम्मान देने की बात कही है फिर भी पत्रकारों के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है यदि किसी भी पत्रकार के खिलाफ अनावश्यक रूप से मुकदमा दर्ज कराया गया तो पत्रकार इसके खिलाफ आंदोलित हो जाएंगे जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।