एसडीओ विघुत विभाग नियम कायदों को ताख में रखकर कर रहे है काम

एक मुस्त समाधान योजना का उठा रहे गलत फायदा संशोधन के नाम पर कमा रहे है दाम

आफिस में बैठे बैठे ग्रामीण अंचल में हजारों लाखों के भिजवा रहे है बिल

उरई (जालौन) जिला जालौन में विघुत विभाग के एसडीओ कुठौन्द अखिलेश यादव के द्वारा सरकार की एक मुस्त समाधान योजना का गलत फायदा उठाया जा रहा है। और प्रदेश के मुखिया का भ्रष्टाचार मुक्त प्रदेश के अभियान को ठेंगा दिखाया जा रहा है।क्षेत्रीय लोगों को परेशान किया जा रहा है। गलत तरीके से बिजली के बिल बनाकर भेजे जा रहे है। हजारों और लाखों रूपये के बिल नोटिस भेजकर आम आदमी को प्रताड़ित किया जा रहा है। जिनके यहां घरेलू कनेक्शन है कोई भी कारखाना नही है। उन्हें भी हजारों और लाखों के बिल बनाकर नोटिस भेजे जा रहे है। और उनकी कोई भी सुनाई नही की जा रही है।बिल संशोधन के नाम पर धन उगाही की जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एसडीओ विघुत विभाग ग्रामीण अंचलों में उपभोक्ताओं को बिना जांच किए बिना मीटर रीडिंग को देखकर हजारों लाखों रूपये के बिल भिजवा रहे है।और गांवों में छोटे छोटे कस्बों में बिजली चैकिंग के नाम पर लोगों की डोरी केबिल काट ले जाते है। और इकट्ठा करके बाद में कुन्तलों के हिसाब से कटी हुई केबिल डोरियों को कबाड़ में बिकवा देते है। और हजारों रुपए की धनराशि प्राप्त कर लेते है। जबकि किसी भी नियम और कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। कहीं नहीं लिखा है कि किसी की भी केबिल डोरी काट ली जाए। फिर भी अपने निजी फायदे के लिए एसडीओ डोरी कटवा लेते है। और कहते है कि इससे कटिया पर रोक लगेगी।देखा जाए तो यह बिल्कुल असत्य है। सत्यता तो यह कि पैसा कमाने का और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का यह एक नया तरीका है। एसडीओ विघुत विभाग का एक मामला कस्बा ईंटों का सामने आया है अजीतापुर रोड पर एक मकान बना है। जिसमें किसी भी प्रकार कि कोई भी कटिया या लाईट नही डली है। और न ही कोई भी ऐसा बिजली से चलने वाला उपकरण लगा है। सिर्फ डाक्टर और क्लीनिक के नाम का वोर्ड लगा है। महीनों पूर्व एसडीओ उस मकान पर लगे वोर्ड की फोटो खींच ले गये। और उसी बोर्ड को आधार बनाकर और कागजों में 25/09/23 को प्रवर्तन दल जालौन विभागीय अधिकारियों द्वारा निरीक्षण दिखाकर 42120 रूपये का बिल नोटिस भेज दिया। जोकि सही नही है। एसडीओ अपनी मनमर्जी से बिजली बिल बनवाकर भेज देते है। एसडीओ के मन माने ढंग से काम करने के रवैया से क्षेत्रीय ग्रामीण लोग बुरी तरह परेशान हैं। एसडीओ से सरकारी दूरभाष पर जानकारी लेना चाहे तो उनका फोन रिसीव नही हुआ। अधिकांश सरकारी नम्बर उठता ही नही है।एसडीओ विघुत विभाग के द्वारा सरकार की छवि धूमिल करने का काम किया जा रहा है।