कोटेदारों ने उपजिलाअधिकारी को पांच सूत्रीय मांग पत्र देकर की 15 दिन की हड़ताल।।

उरई (जालौन) सरकारी खाद्यान वितरक कोटेदारों की समस्याओं को लेकर संगठन के आवाहन पर कोटेदार 15 दिवसीय हड़ताल पर हैं। मंगलवार को कोटेदारों ने पांच सूत्रीय समस्याओं को लेकर ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जिसमें उन्होंने समस्याओं के समाधान की मांग की है।
मंगलवार को आपूर्ति कार्यालय से संबद्ध कोटेदार तहसील परिसर में पहुंचे। एक जनवरी से कोटेदार ऑल इंडियन फेयर प्राइस शॉप डीलर एशोसिएशन के आवाहन पर कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। तहसील पहुंचे संगठन के जिलाध्यक्ष जयदेव सिंह यादव ने बताया कि उचित दर की दुकानों पर निशुल्क राशन का वितरण हो रहा है। कोटेदार राशन वितरण में ही व्यस्त रहते हैं। ऐसे में कोटेदारों 200 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश अथवा 30 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाए। कोटेदारों को वाहनों से आना जाना पड़ता है इसके लिए उनका 30 लाख रुपये का बीमा कराया जाए। मिड डे मील और आंगनबाड़ी केंद्र पर जाने वाले राशन का कोई भाड़ा अथवा उतराई नहीं दी जा रही है। कोटेदारों को भाड़ा, लदान व उतराई की मजदूरी स्वयं अपने पास से देनी पड़ रही है। इसलिए लंबित देयों का शीघ्र भुगतान किया जाए। जनपद में ईपॉस मशीनों से राशन का वितरण कराया जा रहा है। ईपॉस मशीनों की कार्यक्षमता पूर्ण हो चुकी है और अधिकांश ईपॉस मशीनों खराब हो चुकी हैं। इन ईपॉस मशीनों को बदलकर नई ई पॉस मशीनें दी जाएं। वहीं, जब राशन का वितरण ऑनलाईन किया जा रहा है। जिसकी सारी जानकारी ऑनलाइन रहती है। ऐसे में स्टॉक व बिक्री रजिस्टर की कोई उपयोगिता नहीं है। इसलिए स्टॉक, बिक्री रजिस्टर व वितरण प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त की जाए। इसके अलावा जब से निशुल्क राशन का वितरण शुरू हुआ है। इससे पूर्व नवंबर 2021 में उचित दर विक्रेताओं ने चालन के माध्यम से उनके कोटे को मिलने वाले राशन की धनराशि जमा करा दी थी। जो कि अब तक वापस नहीं मिली है। योजना को और आगे बढ़ा दिया गया है। ऐसे में कोटेदारों की चालान के माध्यम से जो धनराशि जमा कराई गई है, उसे वापस दिलाया जाए। अंत में कोटेदारों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की है। इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष रविंद्र कुमार, प्रयागनारायण पांडेय, अमर सिंह, लालजी सिंह, रिंकू, रंजना सिंह, मानोज कुमार, नीरज, राजेंद्र प्रसाद, गजेंद्र, गुड्डी देवी, पहलवान सिंह, संतोष कुमार, रंजीत, चंद्रशेखर, अरूणा देवी, सुरेंद्र पाल सिं, रामाधर आदि मौजूद रहे।