कोराना एवं प्रशासनिक अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ा पंचनद का स्नान मेला

कोराना एवं प्रशासनिक अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ा पंचनद का स्नान मेला

 

जगम्मनपुर, जालौन। बुंदेलखंड का प्रसिद्ध धार्मिक पंचनद संगम स्नान मेला कोरोना एवं प्रशासनिक अव्यवस्थाओं की भेंट चढ गया।
 जनपद जालौन के प्रसिद्ध पंचनद तीर्थ स्थल पर प्रतिवर्ष कार्तिक की पूर्णिमा पर विशाल मेला का आयोजन होता है यहां उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश के लगभग १५ जिलों के श्रद्धालु स्नान करने के लिए आते हैं । इस वर्ष कोरोना के कारण सरकार की ओर से मेलों पर प्रतिबंध लगाए जाने के कारण पंचनद का मेला भी इसी आदेश का शिकार हो गया। प्रशासन की ओर से मेला में दुकानों को लगाए जाने की अनुमति प्राप्त न होने से संपूर्ण मेला बेरौनक हो गया। प्रति वर्ष की तुलना में इस वर्ष लगभग एक तिहाई श्रद्धालुओं ने लगभग 35-40 हजार लोगों ने पंचनद के पवित्र जल में स्नान कर सिद्ध संत श्री मुकुन्दवन (बाबा साहब) के दर्शन किए। इस बर्ष प्रशासन की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं रहा।  चौकी प्रभारी जगम्मनपुर एक हेड कांस्टेबल एवं एक सिपाही के साथ पंचायत भवन पर अवश्य मौजूद रहे । लगभग 10 बजे दिन में कुछ पुलिस  जवानों की एक टुकडी मंदिर पर अवश्य आई । श्रद्धालुओं को व्यवस्थित करने एवं स्नान करने वाले स्नानार्थियों को सुरक्षित रखने के लिए घाटों पर कोई उचित प्रबंध एवं सुरक्षा का कोई बंदोबस्त नजर नहीं आया।
ग्राम पंचायत ने बगैर बोली लगवाये मोटरसाइकिल स्टैंड के नाम जमकर कराई बसूली
प्रतिवर्ष मोटरसाइकिल एवं साइकिलों को व्यवस्थित रूप से खड़ी करने के लिए ग्राम पंचायत भिटोरा द्वारा स्टैंड की बोली लगवा कर ठेका दिया जाता था इससे होने वाली आय से मेला में प्रकाश व्यवस्था एवं स्नान घाटों तक पहुंचने के रास्ते ठीक करवा कर वहां पर भी प्रकाश व्यवस्था कराई जाती थी। लेकिन इस वर्ष बगैर ठेका बोले ग्राम पंचायत के संरक्षण में कुछ लोगों ने मोटरसाइकिल स्टैंड बनाकर उसमें वाहन खड़े कर जमकर वसूली की।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा साधु-संतों एवं दर्शनार्थियों को जमकर छकाया भंडारा*
 प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी साधु संतों को भोजन एवं श्रद्धालुओं,स्नानार्थियों को ग्राम गूंज (औरैया) तथा ग्राम चंदावली सहित ग्राम ततारपुर, जगम्मनपुर आदि के अनेक श्रद्धालुओं ने भोजन भंडारा कराया।