कोविड-19 के विरूद्ध संघर्ष में उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में ओएफबी इकाइयों को कवरऑल के निर्माण हेतु कपड़ा परीक्षण करने के लिए एनएबीएल की मंजूरी मिली

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एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) की दो इकाइयों नामतः उत्तर प्रदेश (यूपी) में लघु शस्त्र निर्माणी (एसएएफ) कानपुर और तमिलनाडु (टीएन) में भारी वाहन कारखाना (एचवीएफ) अवाडी को प्रयोगशालाओं की परीक्षण एवं व्यास मापन के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड/बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेटरीज (एनएबीएल) द्वारा ‘टेस्ट फॉर ब्लड पेन्ट्रेशन रेजिस्टेंस’ के संचालन के लिए मान्यता प्रदान की गई है क्योंकि आज उनके द्वारा निर्मित परीक्षण उपकरण एएसटीम एफ 1670:2003 और आईएसओ 16603:2004 मानक पर खरे उतरे हैं। इस उपकरण को एक पखवाड़े के रिकॉर्ड समय में प्रतिस्पर्धी मिशन मोड में कई आयुध कारखानों द्वारा विकसित किया गया था।

 

परीक्षण का मूल सिद्धांत उस कवरऑल बनाने वाले कपड़े के ऊपर निश्चित समय तक विभिन्न दबाव स्तरों पर ‘सिंथेटिक रक्त’ का प्रयोग कर उसकी उत्कृष्टता जाँच करना है। यह परीक्षण स्वास्थ्य कर्मियों और कोरोनावायरस (कोविड-19) से पीड़ित रोगियों की सेवा में लगे कर्मियों के प्रयोग के लिए लिए देश भर में निर्माताओं द्वारा बड़ी संख्या में कवरऑल के थोक निर्माण की सुविधा प्रदान करने के लिए अनिवार्य था।

     अब तक, यह परीक्षण पूरे देश में केवल दक्षिण भारत वस्त्र अनुसंधान संघ (सीट्रा), कोयंबटूर के पास उपलब्ध था और कवरऑल के निर्माण के लिए कपड़े का परीक्षण विशेष रूप से राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान और रसद के अभाव में एक महत्वपूर्ण अड़चन के रूप में उभरा था।

 

नवीनतम विकास के साथ दक्षिण भारत में एक और परीक्षण की सुविधा बनाई गई है और उत्तर भारत में इस तरह की पहली सुविधा स्थापित की गई है।

 

इससे न केवल ओएफबी के उत्तर प्रदेश के चार और तमिलनाडु के एक  कपड़ों के कारखानों में कवरऑल के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह कवरऑल के निर्माण में लगी हुई अन्य एजेंसियों को भी इस महत्वपूर्ण परीक्षण सुविधा का लाभ उठाने में सक्षम बनाएगा।

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