गोरखपुर: 17 घंटे रहा था कोरोना से मरा युवक, कई मरीज भागे, हाई अलर्ट

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बस्ती का हसनैन अली गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 17 घंटे तक भर्ती रहा। इस दौरान वह मेडिसिन विभाग में 5 घंटे तक भर्ती था, जिसमें करीब 60 मरीजों का इलाज चल रहा था। मौत की खबर फैलते ही करीब एक दर्जन मरीज भाग खड़े हुए। अब इन मरीजों को भी ट्रेस कराया जाएगा ताकि उन्हें भी होम क्वारंटीन किया जा सके।


हाइलाइट्स

  • कोरोना वायरस से संक्रमित युवक की मौत के बाद गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में हड़कंप
  • 17 घंटे तक हॉस्पिटल में भर्ती रहा था बस्ती का निवासी युवक, मौत के बाद एक दर्जन मरीज भागे
  • मेडिकल कॉलेज में हाई अलर्ट घोषित, डॉक्टरों सहित 10 लोग किए गए आइसोलेट, सैनिटाइजेशन शुरू

शफी आजमी, गोरखपुर
गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद जान गंवाने वाला युवक यहां पर 17 घंटे तक भर्ती रहा था। इस दौरान वह मेडिसिन विभाग में 5 घंटे तक भर्ती रहा, जिसमें करीब 60 मरीजों का इलाज चल रहा था। युवक की मौत के बाद मेडिकल कॉलेज में हाई अलर्ट जारी हो गया है, वहीं करीब एक दर्जन मरीज हॉस्पिटल से भाग खड़े हुए हैं।
बस्ती का हसनैन अली गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 17 घंटे तक भर्ती रहा। इस दौरान वह मेडिसिन विभाग में 5 घंटे तक भर्ती था, जिसमें करीब 60 मरीजों का इलाज चल रहा था। हसनैन को बस्ती से 29 मार्च को दोपहर को गंभीर हालत में लाया गया। उसके लीवर में परेशानी बताई गई। उसे 3 बजकर 42 मिनट पर मेडिसिन विभाग में भर्ती किया गया।

17 घंटे इलाज, मौत के बाद 3 घंटे रहा
62 बेड के वार्ड में उस वक्त करीब 60 मरीज भर्ती थे। रात 8 बजे उसकी हालत बिगड़ी तो उसे क्वारंटीन करते हुए सर्जरी के आईसीयू में दाखिल कर दिया गया। यह वार्ड कोरोना के लिए बनाया गया है। यहां कोई मरीज नहीं थे। 30 मार्च को सुबह 8 बजे मरीज की मौत हो गई। लाश को परिजन को सुपुर्द करने में भी तीन घंटे से ज्यादा का वक्त रहा। यानी भर्ती होने से मरने के बाद तक कुल 20 घंटे हसनैन मेडिकल कॉलेज में रहा।

डरकर भागे एक दर्जन मरीज, तलाश शुरू
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में कोरोना से मरीज अली की मौत की खबर फैलते ही करीब एक दर्जन मरीज भाग खड़े हुए। अब इन मरीजों को भी ट्रेस कराया जाएगा ताकि उन्हें भी होम क्वारंटीन किया जा सके। सूत्रों के अनुसार जैसे ही मरीजों को पता चला कि किसी की मेडिकल कॉलेज में कोरोना से मौत हुई है, मरीजों और तीमारदारों में दहशत फैल गई। तमाम मरीज और तीमारदारों ने डिस्चार्ज कराकर मेडिकल कॉलेज छोड़ दिया। ऐसे लोगों की तादाद एक दर्जन के करीब बताई जा रही है। प्रशासन अब इन लोगों को ट्रेस करने में लगा है, जिससे उन्हें होम क्वारंटीन किया जा सके।

हाईअलर्ट, मरीजों के पास नहीं रहेंगे तीमारदार
कोरोना से मरीज की मौत की पुष्टि के बाद बीआरडी मेडिकल कालेज को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अब अगले आदेश तक कोई भी तीमारदार मरीजों के पास नहीं रहेगा। उनके रहने के लिए रैन बसेरे में इंतजाम किए गए हैं। हर 6-6 घंटे पर मेडिकल कॉलेज परिसर को सेनिटाइज करने का नगर निगम को आदेश दिया गया है। जिस वार्ड में मरीज भर्ती था, उसे बुधवार को दो बार सेनिटाइज किया गया है।

जिलाधिकारी और सीएमओ ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर व्यवस्था देखी। डीएम के आदेश पर आईसीयू और वार्ड नंबर 14 को सेनिटाइज कराया गया। डीएम ने प्रत्येक 6-6 घंटे पर मेडिकल कॉलेज कैम्पस को सेनिटाइज करने का आदेश दिया है।

डॉक्टरों समेत 10 लोग आइसोलेट किए गए
गोरखपुर के जिलाधिकारी के विजयेन्द्र पाण्डियन ने बताया है कि बस्ती के मरीज का पिछले तीन माह से किडनी का इलाज चल रहा था। काफी प्रयास के बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका और सोमवार की सुबह उनकी मौत हो गई। मौत के बाद लिए गए नमूने में कोरोना पाजिटिव पाया गया है जिसके बाद प्रशासन अलर्ट हो गया। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ समेत कुल 10 लोगों को आइसोलेट कर दिया गया।

दो डॉक्टरों, दो नर्सों, दो लैब टेक्निशनों, एक वॉर्ड बॉय, एक स्वीपर, एम्बुलेंस के ड्राइवर और मृतक के बहनोई को आइसोलेट कर दिया गया है। पांच दिन बाद उनके नमूने जांच के लिए भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि बस्ती प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है कि वह अंतिम संस्कार में शामिल लोगों को ट्रेस कर उन्हें होम क्वॉरंटीन कर दें।