गौ संरक्षण जमीन पर दिखना चाहिए कागज पर नहीं- डीएम

गौ संरक्षण जमीन पर दिखना चाहिए कागज पर नहीं- डीएम

जिन ग्राम पंचायतों में गौशाला खाली पड़े हैं उनको जल्द से जल्द भरे नहीं तो देना पड़ेगा स्पष्टीकरण – डीएम

चित्रकूट – जिलाधिकारी शुभ्रान्त कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में पशुपालन विभाग से संबंधित विभागीय कार्यक्रमों की प्रगति के संबंध में बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।
जनपद में कुल 294 गौशाला है इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि जितने पशु चिकित्सा अधिकारी हैं उनके नाम से गौशाला हस्तांतरित कर दिए जाए जिससे कि कार्य जल्दी से जल्दी हो सके। जितनी गौशालाए पंजीकृत हैं उनकी सूची बनाकर क्षेत्र के हिसाब से हस्तांतरित कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि जो गोबंश इधर-उधर घूमती रहती हैं उनको गौशाला में संरक्षित कर दिया जाए जिससे कि आवागमन बाधित न हो एवं दुर्घटना से बचा जा सके। जिन ग्राम पंचायत मैं गौशाला खाली हैं उसको जल्द से जल्द भरा जाए नहीं तो स्पष्टीकरण देना पड़ेगा गौ संरक्षण में कई ग्राम प्रधानों ने इसमें महत्वपूर्ण योगदान दिया है उन्होंने कहा कि हाईवे पर जो गाय रात्रि में घूमती फिरती रहती हैं जिससे कि दुर्घटना की संभावना बनी रहती है उन्होंने कहा कि इनका संरक्षण पशुपालन विभाग का ही है अन्य विभाग सहायता कर सकते हैं उन्होंने यह भी कहा कि आप लोगों को कोई चिंता नहीं है इनका संरक्षण कागज पर नहीं जमीन पर दिखना चाहिए उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान हमें ही निकालना है सभी पशु चिकित्सा अधिकारी मानिटरिंग करते रहें कि कहां पर भूसा तथा गौ रक्षक का वेतन मिल रहा है कि नहीं उन्होंने सहभागिता पर भी चर्चा की और कहा कि सहभागिता में रुचि ले । उन्होंने कहा कि किस तरह से प्रोडक्शन एवं दूध बढ़ा सकते हैं इस पर रणनीति आप लोग बनाएं। उन्होंने सख्त आदेश दिए कि जितनी भी गौसालाऐ हैं उसको जल्द से जल्द भर दिया जाए जिससे कि पशुओं का संरक्षण हो सके । इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी, जिला विकास अधिकारी आरके त्रिपाठी, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुभाष चंद्र आदि संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।