जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में पेयजल के संबंध में बैठक विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुई।

जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में पेयजल के संबंध में बैठक विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुई।

उरई ( जालौन) बैठक में अधिशाषी अभियन्ता द्वारा बताया गया कि ग्रामीण पाइप पेयजल परियोजनाओं में से ग्राम जैसारी कलां एवं बड़ागावं परियोजना बन्द पाये जाने पर जिलाधिकारी द्वारा कार्यदायी संस्था अधिशासी अभियन्ता, जल निगम से पूॅछे जाने पर अवगत कराया गया कि जैसारी परियोजना का पानी खारा है तथा बड़ागावं परियोजना का नलकूप बोर फेल हो जाने के कारण बन्द हैं। जल निगम द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में संचालित एकल पाइप पेयजल परियोजनाओं में से 29 परियोजनाओं में रेट्रोफिटिंग के कराये जा रहे कार्यो का स्थलीय सत्यापन खण्ड विकास अधिकारियों से कराने तथा 02 से 03 परियोजनाओं के स्थलीय सत्यापन हेतु स्वयं जिला विकास अधिकारी को करने हेतु निर्देशित किया। अधिशासी अभियन्ता जल निगम ए0के0 गुप्ता को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं के रेट्रोफिटिंग के कार्य एक माह में पूर्ण कराना सुनिश्चित करें, जिससे गर्मियों में जनमानस को जलापूर्ति हो सके। जिला पंचायतराज अधिकारी अभय कुमार यादव को निर्देशित किया कि ग्रामीण क्षेत्र के सभी लक्षित 203 हैण्डपम्पों का रीबोर कार्य अविलम्ब पूरा किया जाये। अधिशासी अभियन्ता जल संस्थान उरई द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की संचालित 34 ग्राम समूह पाइप पेयजल परियोजनाओं में बन्द ग्रामों में जलापूर्ति न होने की स्थिति से अवगत करायें। नगरीय क्षेत्र की संचालित परियोजनाओं के नलकूपों की खराबी के कारण बाधित जलापूर्ति को सुचारू बनाये रखने के दृष्टिगत एक-दो अतिरिक्त मोटर नगर पालिकाओं से क्रय कराने हेतु अपर जिलाधिकारी को निर्देशित किया। ग्रामीण परियोजनाओं के संचालन दिवसों की रिर्पोट ख0वि0अ0 से मांगे जाने हेतु जिला विकास अधिकारी को निर्देशित किया। पाइप पेयजल परियोजनाओ वाले ग्रामों में पेयजल समिति बनायी जाए तथा यूजर चार्ज नियमित रूप से वसूल कर ग्राम निधि खाते में जमा कराने हेतु जिला पंचायतराज अधिकारी को निर्देश दिये। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत जनपद के ग्रामीण क्षेत्र में निर्माण कार्य हेतु अधिकृत अनुबन्धित एजेन्सियों को 04 सतही परियोजनाओं (कोटा मु0, मघेपुरा, रायपुर एवं सला) तथा 257 नलकूप आधारित प्रस्तावित परियोजनाओं की समीक्षा में अनुबन्धित एजेन्सियों को तत्काल डी0पी0आर0 तैयार कर शासन को स्वीकृति हेतु सम्मिलित करने तथा उसका अनुमोदन कराकर शीघ्र निर्माण कार्य प्रारम्भ कराने हेतु निर्देशित किया। कार्यो में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरते। अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे को भी निरन्तर स्थलीय सत्यापन कर कार्य में गति देने हेतु निर्देशित किया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डा0 अभय कुमार श्रीवास्तव, अपर जिलाधिकारी(नमामि गंगे) प्रतिपाल सिंह चैहान, जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र त्रिपाठी, सहित संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।