पीएम मोदी का एलान, 18 वर्ष से ऊपर की उम्र के सभी नागरिकों के लिए, केंद्र सरकार राज्यों को मुफ्त वैक्सीन मुहैया कराएगी

PM Modi Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोविड-19 महामारी फैलने के बाद से कई बार देश को संबोधित कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने लोगों को सुझाव दिए और कई बार नई घोषणाएं भी की हैं.

PM Modi Speech: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को संबोधित करते हुए कहा कि 21 जून, सोमवार से देश के हर राज्य में, 18 वर्ष से ऊपर की उम्र के सभी नागरिकों के लिए, भारत सरकार राज्यों को मुफ्त वैक्सीन मुहैया कराएगी.

1. पीएम ने कहा कि बीते सौ वर्षों में आई ये सबसे बड़ी महामारी है, त्रासदी है.

इस तरह की महामारी आधुनिक विश्व ने न देखी थी, न अनुभव की थी. इतनी बड़ी वैश्विक महामारी से हमारा देश कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा है.

2. पीएम मोदी ने कहा कि सेकेंड वेव के दौरान अप्रैल और मई के महीने में भारत में मेडिकल ऑक्सीजन की डिमांड अकल्पनीय रूप से बढ़ गई थी. भारत के इतिहास में कभी भी इतनी मात्रा में मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत महसूस नहीं की गई. इस जरूरत को पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया गया. सरकार के सभी तंत्र लगे.

3. पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरे विश्व में वैक्सीन के लिए जो मांग है, उसकी तुलना में उत्पादन करने वाले देश और वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां बहुत कम हैं. कल्पना करिए कि अभी हमारे पास भारत में बनी वैक्सीन नहीं होती तो आज भारत जैसे विशाल देश में क्या होता? आप पिछले 50-60 साल का इतिहास देखेंगे तो पता चलेगा कि भारत को विदेशों से वैक्सीन प्राप्त करने में दशकों लग जाते थे. विदेशों में वैक्सीन का काम पूरा हो जाता था तब भी हमारे देश में वैक्सीनेशन का काम शुरू नहीं हो पाता था.

4. पीएम मोदी ने कहा कि देश में 23 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है. पिछले काफी समय से देश लगातार जो प्रयास और परिश्रम कर रहा है, उससे आने वाले दिनों में वैक्सीन की सप्लाई और भी ज्यादा बढ़ने वाली है. आज देश में 7 कंपनियाँ, विभिन्न प्रकार की वैक्सीन्स का प्रॉडक्शन कर रही हैं. तीन और वैक्सीन्स का ट्रायल भी एडवांस स्टेज में चल रहा है. वैक्सीन की उपलब्धता बढ़ाने के लिए विदेशी कंपनियों से वैक्सीन खरीदने में तेजी लाई गई है. बच्चों के लिए वैक्सीन का भी ट्रायल चल रहा है. नेजल वैक्सीन पर भी ट्रायल चल रहा है. देश को अगर सफलता मिलती है तो इससे टीकाकरण में और तेजी आएगी. इतने कम समय में वैक्सीन बनाना पूरी मानवता के लिए बड़ी उपलब्धी है. लेकिन इसकी सीमाएं हैं.

5. पोलियो की वैक्सीन हो, चेचक की वैक्सीन हो, हेपेटाइटिस बी की वैक्सीन हो, इनके लिए देशवासियों ने दशकों तक इंतजार किया था. 2014 में जब देशवासियों ने हमें सेवा का अवसर दिया तो भारत में वैक्सीनेशन का कवरेज सिर्फ 60 प्रतिशत के आसपास था. हमारी दृष्टि में ये चिंता की बात थी. जिस रफ्तार से भारत का टीकाकरण चल रहा था, उस हिसाब से देश को शत-प्रतिशत टीकाकरण कवरेज का लक्ष्य हासिल करने में करीब 40 साल लग जाते. हमने इस समस्या के समाधान के लिए मिशन इंद्रधनुष को शुरु किया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोविड-19 महामारी फैलने के बाद से कई बार देश को संबोधित कर चुके हैं. इस दौरान उन्होंने लोगों को सुझाव दिए और कई बार नई घोषणाएं भी की हैं.