मेरे श्री रामलला

चैत्र नवमी से पहले ही
पौष मास में आ गया
नव वर्ष कुछ यूं हमारा
राम नाम की भक्ति बिना
नहीं हम भक्तों का गुजारा।।

मर्यादा में रहकर जीती ,
श्री राम ने अपनी पारी
सत्य सनातन की जीत हुई है,
अब सब भक्त बजावे ताली।।

मेरे श्री राम अयोध्या धाम विराजे
राम लला, सिया,लक्ष्मण हनुमान संग पधारे
अयोध्या जगमग हुई है,रोशन जैसे दिवाली
भारत सारा मिल कर यह उत्सव मनावे ।।

श्री राम जन्म भूमि पर,भक्त जन फूल पसारे
राह देख रहे थे जैसे मिल इस अवसर का सारे ,
निमंत्रण तो नाम हैं बस इस तीरथ का ये कार्य
यह निमंत्रण सबका है ये सारे भारत वासी जाने ।।

©®आशी प्रतिभा दुबे ( स्वतंत्र लेखिका)
मध्य प्रदेश, ग्वालियर
भारत