विचित्र बुखार ने पाँव पसारा।

 विचित्र बुखार ने पाँव पसारा।

झोलाछाप डॉक्टरों की बल्ले बल्ले 

तुलसी धाम राजापुर ( चित्रकूट ) राजापुर कस्बा तथा ग्रामीण अँचलों में इन दिनों सर्दी, जुकाम तथा विचित्र बुखार पाँव पसार रहा है। विशेषकर छोटे छोटे बच्चे बुखार के साथ अधिकतर न्यूमोनिया के चपेट में आ रहे हैं। राजापुर कस्बे के प्राइवेट चिकित्सालयों में डेंगू व प्लेटें कम होने की बात कहकर अधाधुंध मरीजों का शोषण करते हुए कमाई की जा रही है।
बताते चलें कि माह अगस्त के अन्तिम सप्ताह से सितम्बर महीने में कस्बा सहित ग्रामीण क्षेत्रों में विचित्र बुखार से लोगों का जीना दूभर हो रहा है और प्राइवेट चिकित्सालयों में लोगों की लम्बी लम्बी लाइनें देखने को मिल रही हैं तथा ग्रामीण क्षेत्रों के झोलाछाप डॉक्टरों की इस समय पौबारा हो रही है। छोटे छोटे बच्चों से लेकर युवाओं व वृद्ध भी इस विचित्र बुखार की चपेट में आ रहे हैं। इन मरीजों को व परिजनों को कोविड-19 कोरोना वायरस महामारी की शंका होने के कारण जाँच के भय से डरते हुए राजकीय चिकित्सालयों में इलाज कराने के लिए नहीं जा रहे हैं। जिसके कारण प्राइवेट चिकित्सकों का शिकार होकर आर्थिक शोषण कराने पर मजबूर हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के झोलाछाप डॉक्टरों के गलत इलाज के कारण यदि कोई गंभीर अवस्था में होता है तो उसे चुपके चुपके प्रयागराज के लिए रेफर कर देते हैं।
वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ० श्यामकिशोर सिंह व ओपीडी देख रहे चिकित्सक डॉ० दीपक कुमार यादव ने संयुक्त रूप से बताया कि मंगलवार को ओपीडी में कुल 60 मरीज देखे गए हैं जिनमें 15 से 20 मरीज वायरल फीवर के हैं साथ ही उन्हें हिदायत दी गई है कि घर में साफ सफाई व जलभराव वाले गड्ढों से पानी हटा दिया जाए जिससे डेंगू मच्छरों का प्रकोप न बढ़ सके और पानी को उबालकर ही सेवन करने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि संक्रामक बीमारियों से बचने के लिए प्रदूषित पानी का प्रयोग न करें और मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करना अनिवार्य है। उन्होने बताया कि वायरल फीवर के पूरे मरीजों के खून की जाँच कराई गई है जिसमें डेंगू जैसे बुखार के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं और अधिक समय से आ रहे बुखार के कारण टायफाइड होने के कुछ मरीजों में लक्षण पाए गए हैं तथा वायरल फीवर बारिश के बाद उमस भरी गर्मी की वजह से बीमारियाँ पनप रही हैं।