सदियों से रविवार को गुलजार रहने वाले जगम्मनपुर बाजार में पसरा सन्नाटा

सदियों से रविवार को गुलजार रहने वाले जगम्मनपुर बाजार में पसरा सन्नाटा

👉 रविवार की साप्ताहिक हाट को कोरोना ड्रैगन ने निगला

जगम्मनपुर, जालौन। सदियों से लगने वाली रविवार की साप्ताहिक हाट को कोरोना वैश्विक महामारी ने ऐसा डसा कि सुबह से शाम तक दुकानदारों तथा ग्राहकों से गुलजार रहने वाले जगम्मनपुर बाजार में सन्नाटा पसर गया।
जनपद जालौन की इटावा, औरैया व मध्य प्रदेश सीमा से सटे तथा पंचनद की पांच नदियों के किनारे बसे 4 जिलों के लगभग 60 गांव के प्रमुख व्यापारिक केंद्र जगम्मनपुर में वर्ष 1787 से रविवार का साप्ताहिक बाजार संचालित है। जगम्मनपुर राज्य के तत्कालीन राजा रतनशाह जू देव को पूना के पेशवा माधवराव द्वितीय द्वारा महाराजा टाइटल से सम्मानित करने पर यहां राजकीय उत्सव मनाया गया व उसी समय से प्रति रविवार को साप्ताहिक हाट लगाए जाने की घोषणा की गई। आज से लगभग 300 वर्ष से जगम्मनपुर में प्रति रविवार साप्ताहिक हाट का सिलसिला जारी है ।
पांच नदियों की किनारे बसे लगभग 40 गांवों तथा जगम्मनपुर के पुर्व दिशा में तालघार से रूप में प्रसिद्ध सेंगर क्षत्रियों के बीस गांव मिलाकर अनुमानित 60 गांव के ग्रामीणों से प्रति रविवार को गुलजार होने वाले साप्ताहिक हाट व जगम्मनपुर बाजार को कोरोना रूपी ड्रैगन ने ऐसा डसा कि अब बाजार में पसरा हुआ सन्नाटा दुकानदारों तथा ग्रामीण ग्राहकों को काट खाने को दौड़ रहा है , किंतु ”जान है तो जहांन है” की लोकोक्ति को चरितार्थ करते हुए स्थानीय दुकानदारों व ग्रामीणों ने सरकार द्वारा घोषित शनिवार, रविवार के लॉकडाउन को सिर आंखों पर रख स्वीकार कर लिया है, परिणाम स्वरूप दुकानदारों ने स्वैच्छिक रूप से ही अपनी-अपनी दुकानें न खोलने एवं ग्राहकों ने अब शनिवार रविवार को बाजार में न आने का निर्णय ले लिया है जिसके बाजार में सर्वत्र सन्नाटा पसरा रहता है।