सरकार व विधायक पद का बलिदान देने वाले राम मंदिर शिलान्यास से अभिभूत

सरकार व विधायक पद का बलिदान देने वाले राम मंदिर शिलान्यास से अभिभूत

 

बहादुरपुर, जालौन । 27 वर्ष पूर्व सरकार एवं अपनी कुर्सी के बलिदान का प्रतिफल आज अयोध्या में भगवान श्रीराम लला के भव्य मंदिर निर्माण हेतु शिलान्यास के रूप में मिलने पर पूर्व विधायक केशव सिंह सेंगर भाव विभोर एवं रोमांचित हैं।
“बच्चा-बच्चा राम का , जन्म भूमि के काम” का उद्घोष करते हुए 06 दिसम्बर 1992 को जब देश का हर नौजवान हाथ में भगवा ध्वज लिए अपनी भुजाओं को ऊपर उठा सड़कों पर निकल कर अयोध्या पहुंच गया और कलंकित ढांचा ढहा देने पर उत्तर प्रदेश की सरकार के वलिदान का हिस्सा बने माधौगढ़ क्षेत्र के तत्कालीन विधायक केशव सिंह सेंगर भाव विभोर होकर भरे गले से बताते हैं कि हम लोगों की युवा अवस्था में देखा गया गया स्वप्न 27 वर्ष की अवधि के बाद 5 अगस्त 2020 को पूर्ण होने जा रहा है, इसके लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा का प्रत्येक नेता एवं कार्यकर्ता साधुवाद का अधिकारी है किंतु उन आंदोलनकारियों को विस्मृत नहीं किया जा सकता जिन्होंने जन्मभूमि आंदोलन को हवा देकर जनमानस में अपने आराध्य भगवान श्री राम का मंदिर बनाने की भावना जागृत की थी। पूर्व विधायक केशव सिंह सेंगर बताते हैं कि 6 दिसंबर 1992 को जब विवादित ढांचा ढहाया गया था उस समय मैं भारतीय जनता पार्टी से माधौगढ़ विधान सभा क्षेत्र का विधायक था और कारसेवा करने के लिए अपने पार्टी कार्यकर्ताओं तथा साथियों सहित अयोध्या में मौजूद था । विवादित ढांचा गिराए जाने के बाद केंद्र की कांग्रेस सरकार ने उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगा दिया था मुझे उस समय सरकार गिराए जाने का कोई दुख नहीं था अपितु आज मुझे अपार प्रसन्नता है कि हमारी सरकार का बलिदान व्यर्थ नहीं गया और हमारे आराध्य भगवान श्री राम के भव्य मंदिर निर्माण हेतु भूमि पूजन होने जा रहा है और हमारा व देश के प्रत्येक राम भक्त का स्वप्न पूरा होने जा रहा है।

*घी के दीपक जला कर करें अपनी खुशी का इजहार*

पूर्व विधायक सेंगर ने आवाहन किया कि 5 दिसंबर को अयोध्या में राम जन्मभूमि स्थल पर रामलला मंदिर निर्माण हेतु होने जा रहे शिलान्यास के अवसर को दीपावली की तरह दीपोत्सव की भांति मनाना चाहिए अतः सभी लोग अपने अपने घरों व्यापारिक प्रतिष्ठानों में तथा देवालयों पर घी के दीपक जला कर अपने हर्ष की प्रस्तुति करें।