सात बार टेलीविजन के लिये बेस्ट निर्देशक का अवार्ड जीत चुके निर्देशक रंजन सिंह को मिला बेस्ट निर्देशक के लिए दादा साहेब फाल्के आईकान अवार्ड.२०२०

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मुम्बई:- सात बार टेलीविजन के लिये बेस्ट निर्देशक का अवार्ड जीत चुके निर्देशक रंजन सिंह को मिला बेस्ट निर्देशक के लिए दादा साहेब फाल्के आईकान अवार्ड.२०२०. सोनी टीवी पर प्रसारित शो महाराणा प्रताप का भी निर्देशन किया है।

इस धारावाहिक का निर्माण कैंटेलियों फिल्म्स द्वारा किया गया था। बतौर निर्देशक रंजन सिंह के कैरियर ग्राफ पर नजर डालें तो उन्होने मैथालाजिकल धारावाहिकों से लेकर ड्राईंगरुम और फिक्शन तक को छोटे पर्दे पर बखुबी उतारा है।

जय हनुमान, जोधाअकबर, ये है मोहब्बतें, कुमकुम भाग्य, जय महाभारत, महारथी कर्ण,सीआईडी, हादसा, इतना करो ना मुझे प्यार, बालिका वधु, मेरी आशिकी तुमसे है, मायका, बेटियां, अगले जनम मोहे बिटिया ही कीजो, १८५७ क्रांति, नागिन रावण सहित कई कामयाब धारावाहिकों का निर्देशन कर चुके रंजन सिंह कलर्स पर प्रसारित कामयाब शो थपकी प्यार की को भी निर्देशित किया था।

मूलत: वे पटना से हैं और राष्टीय नाट्य विद्यालय से स्नातक रंजन सिंह का भावुक दास्तान को भी छोटे पर्दे पर उतारने में महारत है। कैरियर और जिन्दगी की दहलीज पर उन्हे तामझाम नहीं पसंद है मगर छोर्टे पर्दे पर वे लोकेशन, घटनाओं और प्रसंगों को स्क्रीप्ट के अनुसार विस्तार देते हैं।

रंगमंच पर भी कुशल पकड़ रखने वाले इस निर्देशक को २७ बार अवार्ड मिल चुका है। वे रंगमंच पर वर्ष १९८९ में जुड़े और फिर पिछे पलटकर देखने की उन्हे फुर्सत ही नहीं मिली। रंजन सिंह ने वर्ष १९९५ में छोटे पर्दे पर बतौर निर्देशक कदम रखा और कामयाबी हिस्से में आती गयी।

पहली पहचान बनी जय हनुमान से वे कहते हैं मैं खुद हनुमान जी का भक्त हूं और जब मुझे इस धारावाहिक के निर्देशन का मौका मिला तो मैने दिल लगा दिया।

अखंड राजपुताना सेवासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आर पी सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा दादा साहेब फाल्के आईकान अवार्ड २०२० मशहूर टेली फिल्म डायरेक्टर श्री रंजन सिंह को बेस्ट डायरेक्टर के रूप मे मिलने से समस्त अखंड राजपुताना सेवासंघ परिवार मे खुशी की लहर दौड़ गयी और हम सब बहुत पसंद हैं क्योंकि यह अवार्ड हमारे परिवार के सदस्य को मिला है ऐसा प्रतीत होता है।

रंजन सिंह अखंड राजपूताना सेवा संघ के एक सम्मानित ही नहीं एक बड़े शुभचिंतक भी हैं जिसके लिए उनको हम कोट कोट बधाई देते हैं और उनका ध्यान करते हैं।

राष्ट्रीय महासचिव अशोक सिंह ने अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि रंजन सिंह एक अद्भुत विलक्षण प्रतिभा के धनी हैं और उनके कला क्षेत्र में किए गए कार्य को इस तरह के सम्मान मिलने से दूसरों को प्रेरणा मिलती है।

रंजीत सिंह अखंड राजपूताना सेवा संघ के वरिष्ठ सदस्य नहीं शुभचिंतक और राष्ट्रीय अध्यक्ष के परम मित्र भी जैसे आभास होता है पुरस्कार हमारे परिवार को मिला समस्त अखंड राजपूताना सेवा संघ परिवार आज खुशी से झूम रहा है।

 जय राजपुताना ! अखंड राजपुताना !!

Posted By :- (R.P.Singh) Sub Editor