सुप्रीम कोर्ट ने कृषि कानून पर समाधान के लिए चार सदस्यीय समिति बनाई

 

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, कृषि कानूनों पर लगाई रोक

नई (दिल्ली) Supreme Court Decision on Farmers Protest: कृषि कानूनों के अमल पर सुप्रीम कोर्ट ने आज अंतरिम रोक लगा दी है. इसके साथ एक कमिटी के गठन की बात कही गई है जो इस मुद्दे पर बात करके समाधान निकालने की कोशिश करेगी. कमिटी में किन लोगों को शामिल किया जाएगा इसपर एक अपडेट आया है. इसमे चार लोगों के नाम सामने आए हैं. कमिटी में शामिल चार लोगों में दो किसान नेता भी हैं.

किसानों द्वारा जो कमिटी बनाई गई है उसमें चार लोग शामिल हैं. इसमें दो किसान नेता हैं. इसके साथ एक कृषि अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञ भी शामिल हैं.

किसानों द्वारा बनाई गई कमिटी में कौन-कौन

एचएस मान (भारतीय किसान यूनियन),

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प्रमोद कुमार जोशी, अशोक गुलाटी (कृषि अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञ, भारत सरकार के पूर्व सलाहकार, कई फसलों के MSP बढ़ाने में बढ़ी भूमिका),अनिल धनवत (शतकरी संगठन)
कमिटी के खिलाफ थे किसान संगठन

किसानों की तरफ से पेश वकील एमएल शर्मा ने कहा था कि किसान किसी समिति के समक्ष नहीं जाना चाहते.

वो चाहते हैं कि कानून वापस हो. अन्यथा वह प्रदर्शन जारी रखेंगे. इसपर सीजेआई ने कहा कि हम कानून को अमल में लाने पर रोक लगाकर हल निकालने का रास्ता निकालना चाह रहे हैं. सीजेआई ने कहा हम लोगों के जान-माल और संपत्ति के नुकसान को लेकर चिंतित हैं और हमारे पास यह शक्ति है कि हम कानून पर रोक लगाएं और हल निकालने के लिए समिति का गठन करें, जो हल चाहता है वह समिति के पास जाएगा. समिति हमारे समक्ष रिपोर्ट देगी. CJI ने कहा कि किसी भी किसान की ज़मीन कहीं नहीं जाएगी.

सीजेआई ने कहा कि हमारे सामने तस्वीर स्पष्ट है कि क्या हो रहा है. बार काउंसिल के सदस्य इस मामले में न्याय का समर्थन करें. यहां राजनीति को मौका नहीं दिया जाएगा.

केवल प्रदर्शन करना है तो करते रहिए, कमिटी बनाने से कोई नहीं रोक सकता

चीफ जस्टिस ने कहा कि अगर आप समाधान चाहते हैं तो हम इसके लिए तैयार हैं, अगर आपको केवल प्रदर्शन करना है तो आप करते रहिए. सीजेआई ने कहा कि हम प्रधानमंत्री या किसी और को इस मामले में निपटारे के लिए नहीं कहने जा रहे. किसानों के वकील एम एल शर्मा ने कहा कि पीएम ने अबतक किसानों से मुलाकात नहीं की है. इसपर चीफ जस्टिस ने कहा हम पीएम मोदी को इसपर कुछ करने को नहीं कह रहे. अगर कमिटी बनने के बाद वह किसी से भी मिलना चाहते हैं तो मिल सकते हैं.