12 अगस्त दैनिक राशिफल

आचार्य पंडित पुष्पेंद्र कुमार द्विवेदी
ज्योतिष कर्मकांड एवं वास्तु विशेषज्ञ
संपर्क सूत्र 7800868289
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🌞 ~ *आज का हिन्दू पंचांग* ~ 🌞
⛅ *दिनांक 12 अगस्त 2020*
⛅ *दिन – बुधवार*
⛅ *विक्रम संवत – 2077 (गुजरात – 2076)*
⛅ *शक संवत – 1942*
⛅ *अयन – दक्षिणायन*
⛅ *ऋतु – वर्षा*
⛅ *मास – भाद्रपद (गुजरात एवं महाराष्ट्र अनुसार – श्रावण)*
⛅ *पक्ष – कृष्ण*
⛅ *तिथि – अष्टमी दोपहर 11:17 तक तत्पश्चात नवमी*
⛅ *नक्षत्र – कृत्तिका 13 अगस्त प्रातः 03:27 तक तत्पश्चात रोहिणी*
⛅ *योग – वृद्धि सुबह 09:26 तक तत्पश्चात ध्रुव*
⛅ *राहुकाल – दोपहर 12:32 से दोपहर 02:08 तक*
⛅ *सूर्योदय – 06:17*
⛅ *सूर्यास्त – 19:09*
⛅ *दिशाशूल – उत्तर दिशा में*
⛅ *व्रत पर्व विवरण – जन्माष्टमी (भागवत), (नाथद्वारा, द्वारका, मथुरा, डाकोर में श्रीकृष्ण-जन्मोत्सव), बुधवारी अष्टमी (सूर्योदय से दोपहर 11:17 तक)*
💥 *विशेष – अष्टमी को नारियल का फल खाने से बुद्धि का नाश होता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)*
💥 *अष्टमी तिथि के दिन ब्रह्मचर्य पालन करे तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *बुधवारी अष्टमी* 🌷
👉🏻 *मंत्र जप एवं शुभ संकल्प हेतु विशेष तिथि*
🙏🏻 *सोमवती अमावस्या, रविवारी सप्तमी, मंगलवारी चतुर्थी, बुधवारी अष्टमी – ये चार तिथियाँ सूर्यग्रहण के बराबर कही गयी हैं।*
🙏🏻 *इनमें किया गया जप-ध्यान, स्नान , दान व श्राद्ध अक्षय होता है। (शिव पुराण, विद्यश्वर संहिताः अध्याय 10)*
🌞 *~ हिन्दू पंचांग ~* 🌞

🌷 *श्रीकृष्ण-जन्माष्टमीव्रत की कथा एवं विधि* 🌷
🙏 *भविष्यपुराण उत्तरपर्व अध्याय – २४*
🙏 *राजा युधिष्ठिर ने कहा – अच्युत ! आप विस्तार से (अपने जन्म-दिन) जन्माष्टमी व्रत का विधान बतलाने की कृपा करें |*
🙏 *भगवान् श्रीकृष्ण बोले – राजन ! जब मथुरा में कंस मारा गया, उस समय माता देवकी मुझे अपनी गोद में लेकर रोने लगीं | पिता वसुदेवजी भी मुझे तथा बलदेवजी को आलिंगन कर गद्गदवाणी से कहने लगे – ‘आज मेरा जन्म सफल हुआ, जो मैं अपने दोनों पुत्रों को कुशल से देख रहा हूँ | सौभाग्य से आज हम सभी एकत्र मिल रहे हैं |’ हमारे माता-पिता को अति हर्षित देखकर बहुत से लोग वहाँ एकत्र हुए और मुझसे कहने लगे – ‘भगवन ! आपने बहुत बड़ा काम किया, जो इस दुष्ट कंसको मारा | हम सभी इससे बहुत पीड़ित थे | आप कृपाकर यह बतलाये कि आप माता देवकी के गर्भ से कब आविर्भूत हुए थे ? हम सब उस दिन महोत्सव मनाया करेंगे | आपको बार-बार नमस्कार है, हम सब आपकी शरण हैं | आप हम प्रसन्न होइये | उस समय पिता वसुदेवजी ने भी मुझसे कहा था कि अपना जन्मदिन इन्हें बता दो |’*
🙏 *तब मैंने मठुरानिवासी जनों को जन्माष्टमी व्रत का रहस्य बतलाया और कहा – ‘पुरवासियों ! आपलोग मेरे जन्म दिन को विश्व में जन्माष्टमी के नाम से प्रसारित करें | प्रत्येक धार्मिक व्यक्ति को जन्माष्टमी का व्रत अवश्य करना चाहिये | जिस समय सिंह राशि पर सूर्य और वृषराशिपर चन्द्रमा था, उस भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को अर्धरात्रि में रोहिणी नक्षत्र में मेरा जन्म हुआ | वसुदेवजी के द्वारा माता देवकी के गर्भ से मैंने जन्म लिया | यह दिन संसार में जन्माष्टमी नाम से विख्यात होगा | प्रथम यह व्रत मथुरा में प्रसिद्ध हुआ और बाद में सभी लोकों में इसकी प्रसिद्धी हो गयी | इस व्रत के करने से संसार में शान्ति होगी, सुख प्राप्त होगा और प्राणिवर्ग रोगरहित होगा |’*
🙏 *महाराज युधिष्ठिर ने कहा – भगवन ! अब आप इस व्रत का विधान बतलाये, जिसके करने से आप प्रसन्न होते हैं |*
🙏 *भगवान श्रीकृष्ण बोले – महाराज ! इस एक ही व्रत के कर लेने से सात जन्म के पाप नष्ट हो जाते हैं | व्रत के पहले दिन दंतधावन आदि करके व्रत का नियम ग्रहण करें | व्रत के दिन मध्यान्ह में स्नान कर माता भगवती देवकी का एक सूतिका गृह बनाये | उसे पद्मरागमणि और वनमाला आदिसे सुशोभित करें | गोकुल की भांति गोप, गोपी, घंटा, मृदंग, शंख और मांगल्य-कलश आदिसे समन्वित तथा अलंकृत सुतिका-गृह के द्वारपर रक्षा के लिए खंग, कृष्ण छाग, मुशल आदि रखे | दीवालों पर स्वस्तिक आदि मांगलिक चिन्ह बना दें | षष्ठीदेवी की भी नैवेद्य आदि के साथ स्थापना करें | इस प्रकार यथाशक्ति उस सूतिकागृह को विभूषितकर बीच में पर्यंक के ऊपर मुझसहित अर्धसुप्तावस्थावाली, तपस्विनी माता देवकी की प्रतिमा स्थापित करें | प्रतिमाएँ आठ प्रकार की होती हैं –स्वर्ण, चाँदी, ताम्र, पीतल, मृत्तिका, काष्ठ की मणिमयी तथा चित्रमयी | इनमे से किसी भी वस्तुकी सर्वलक्षणसम्पन्न प्रतिमा बनाकर स्थापित करें | माता देवकी का स्तनपान करती हुई बालस्वरूप मेरी प्रतिमा उनके समीप पलंग के ऊपर स्थापित करें | एक कन्या के साथ माता यशोदा की प्रतिमा भी वहां स्थापित की जाय | सूतिका-मंडप के ऊपर की भित्त्तियों में देवता, ग्रह, नाग तथा विद्याधर आदि की मूर्तियाँ हाथोसे पुष्प-वर्षा करते हुए बनाये | वसुदेवजी को सूतिकागृह के बाहर खंग और ढाल धारण किये चित्रित करना चाहिये | वसुदेवजी महर्षि कश्यप के अवतार हैं और देवकी माता अदितिकी | बलदेवजी शेषनाग के अवतार हैं, नन्दबाबा दक्षप्रजापति के, यशोदा दिति की और गर्गमुनि ब्रह्माजी के अवतार हैं | कंस कालनेमिका अवतार है | कंस के पहरेदारों को सूतिकागृह के आस-पास निद्रावस्था में चित्रित करना चाहिये | गौ, हाथी आदि तथा नाचती-गाती हुई अप्सराओं और गन्धर्वो की प्रतिमा भी बनाये | एक ओर कालिय नाग को यमुना के ह्रदय में स्थापित करें |*
🙏 *इसप्रकार अत्यंत रमणीय नवसुतिका-गृह में देवी देवकी का स्थापनकर भक्ति से गंध, पुष्प, अक्षत, धूप, नारियल, दाडिम, ककड़ी, बीजपुर, सुपारी, नारंगी तथा पनस आदि जो फल उस देशमें उससमय प्राप्त हों, उन सबसे पूजनकर माता देवकी की इसप्रकार प्रार्थना करे –*
🌷 *गायभ्दि: किन्नराध्यै: सततपरिवृता वेणुवीणानीनादै भृंगारादर्शकुम्भप्रमरकृतकरै: सेव्यमाना मुनीन्द्रै: |*
*पर्यन्गे स्वास्तृते या मुदित्ततरमना: पुत्रिणी सम्यगास्ते सा देवी देवमाता जयति सुवदना देवकी कान्तरूपा ||*
🙏 *‘जिनके चारों ओर किन्नर आदि अपने हाथों में वेणु तथा वीणा-वाद्यों के द्वारा स्तुति-गान कर रहे हैं और जो अभिषेक-पात्र, आदर्श, मंगलमय कलश तथा चँवर हाथों में लिए श्रेष्ठ मुनिगणोंद्वारा सेवित हैं तथा जो कृष्ण-जननी भलीभांति बिछे हुए पलंगपर विराजमान हैं, उन कमनीय स्वरुपवाली सुवदना देवमाता अदिति-स्वरूपा देवी देवकी की जय हो |’*
🙏 *उससमय यह ध्यान करें कि कमलासना लक्ष्मी देवकी के चरण दबा रही हो | उन देवी लक्ष्मी की – ‘नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नम: |’ इस मन्त्र से पूजा करे | इसके बाद ‘ॐ देवक्यै नम:, ॐ वासुदेवाय नम:, ॐ बलभद्राय नम:, ॐ श्रीकृष्णाय नम:, ॐ सुभद्रायै नम:, ॐ नन्दाय नम: तथा ॐ यशोदायै नम:’ – इन नाम-मन्त्रों से सबका अलग-अलग पूजन करें |*
🙏 *कुछ लोग चन्द्रमा के उदय हो जानेपर चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान कर हरि का ध्यान करते हैं, उन्हें निम्नलिखित मन्त्रों से हरि का ध्यान करना चाहिये –*
🌷 *अनघं वामनं शौरि वैकुण्ठ पुरुषोत्तमम |*
*वासुदेवं हृषीकेशं माधवं मधुसूदनम ||*
*वाराहं पुण्डरीकाक्षं नृसिंहं ब्राह्मणप्रियम |*
*दामोदरं पद्यनाभं केशवं गरुड़ध्वजम |*
*गोविन्दमच्युतं कृष्णमनन्तमपराजितम |*
*अघोक्षजं जगद्विजं सर्गस्थित्यन्तकारणम |*
*अनादिनिधनं विष्णुं त्रैलोक्येश त्रिविक्रमम |*
*नारायण चतुर्बाहुं शंखचक्रगदाधरम |*
*पीताम्बरधरं नित्यं वनमालाविभूषितम |*
*श्रीवत्सांग जगत्सेतुं श्रीधरं श्रीपति हरिम || (उत्तरपर्व ५५/४६ – ५०)*
🙏 *इन मन्त्रों से भगवान् श्रीहरि का ध्यान करके ‘योगेश्वराय योगसम्भवाय योगपतये गोविन्दाय नमो नम:’ – इस मन्त्र से प्रतिमा को स्नान कराना चाहिये | अनन्तर ‘यज्ञेश्वराय यज्ञसम्भवाय यज्ञपतये गोविन्दाय नमो नम:’ – इस मंत्रसे अनुलोपन, अर्घ्य, धूप, दीप आदि अर्पण करें | तदनंतर ‘विश्वाय विश्वेश्वराय विश्वसम्भवाय विश्वपतये गोविन्दाय नमो नम: |’ इस मन्त्र से नैवेद्य निवेदित करें | दीप अर्पण करने का मन्त्र इसप्रकार हैं – धम्रेश्वराय धर्मपतये धर्मसम्भवाय गोविन्दाय नमो नम: |’*
🙏 *इसप्रकार वेदी के ऊपर रोहिणी-सहित चन्द्रमा, वसुदेव, देवकी, नन्द, यशोदा और बलदेवजी का पूजन करें , इससे सभी पापों से मुक्ति हो जाती हैं | चंद्रोदय के समय इस मन्त्र से चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान करें –*
🌷 *क्षीरोदार्नवसम्भूत अत्रिनेत्रसमुद्भव |*
*गृहनार्घ्य शशाकेंदों रोहिण्या सहितो मम || (उत्तरपर्व ५५/५४)*
🙏 *आधी रात को गुड और घी से वसोर्धारा की आहुति देकर षष्ठीदेवी की पूजा करे | उसी क्षण नामकरण आदि संस्कार भी करने चाहिये | नवमी के दिन प्रात:काल मेरे ही समान भगवती का भी उत्सव करना चाहिये | इसके अनन्तर ब्राह्मणों को भोजन कराकर ‘कृष्णो में प्रीयताम’ कहकर यथाशक्ति दक्षिणा देनी चाहिये |*
🙏 *धर्मनंदन ! इसप्रकार जो मेरा भक्त पुरुष अथवा नारी देवी देवकी के इस महोत्सव को प्रतिवर्ष करता हैं, वह पुत्र, सन्तान, आरोग्य, धन-धान्य, सदगृह, दीर्घ आयुष्य और राज्य तथा सभी मनोरथों को प्राप्त करता हैं | जिस देशमें यह उत्सव किया जाता है, वहाँ जन्म-मरण, आवागमन की व्याधि, अवृष्टि तथा ईति-भीती आदि का कभी भय नहीं रहता | मेघ समयपर वर्षा करते हैं | पांडूपुत्र ! जिस घर में यह देवकी-व्रत किया जाता हैं, वहाँ अकालमृत्यु नहीं होती और न गर्भपात होता हैं तथा वैधव्य, दौर्भाग्य एवं कलह नहीं होता | जो एक बार भी इस व्रत को करता हैं, वहा विष्णुलोक को प्राप्त होता है | इस व्रत के करनेवाले संसार के सभी सुखों को भोगकर अंत में विष्णुलोक में निवास करते हैं |*
🙏 *इति श्री भविष्यपुराण का उत्तरपर्व का चोवीसवाँ अध्याय समाप्त हुआ |*

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पंचक

4 अगस्त
रात्रि 8.47 से 9 अगस्त सायं 7.05 बजे तक

31 अगस्त मध्यरात्रि बाद 3.48 से 5 सितंबर मध्यरात्रि बाद 2.22 बजे तक

एकादशी

गुरुवार, 30 जुलाई श्रावण पुत्रदा

अजा एकादशी- 15 अगस्त- दिन शनिवार

परिवर्तिनी एकादशी- 29 अगस्त दिन शनिवार

प्रदोष

शनिवार, 01 अगस्त शनि प्रदोष व्रत (शुक्ल)
रविवार, 16 अगस्त प्रदोष व्रत (कृष्ण)
रविवार, 30 अगस्त प्रदोष व्रत (शुक्ल)

अमावस्या

19 अगस्त 2020 – बुधवार – भाद्रपद अमावस्या।

पूर्णिमा

सोमवार, 03 अगस्त श्रावण पूर्णिमा व्रत

मेष –
आज का दिन नौकरीपेशा लोगों के लिए कुछ आराम में गुजरेगा। व्यापार में लोग नए उद्यम में उतरेंगे। कुछ लोगों को खाद्य सामग्री से जुड़े काम और उद्योग में लोग लाभ कमाएंगे। आपके पास जिम्मेदारियां पर्याप्त रह सकती हैं, लेकिन उनको पूरा करने का दबाव आज कम रहेगा। परिवार के साथ कुछ तीखी बातें हो सकती हैं, जिन्हें आपको समय रहते संभालना होगा। अपने अंदर छिपी ऊर्जा को बाहर निकालने की आवश्यकता है।
करियर – करियर में काम की संख्या कम होगी। आप करियर के प्रति अधिक केंद्रित होंगे।
– रिश्तों में चीजें थोड़ी स्थिर रह सकती हैं। संबंधों को समय देने और एक दूसरे की भावनाओं को समझने की आवश्यकता है।
हेल्थ – स्वास्थ्य खराब समय से गुजर रहा है। सावधान रहें।

वृषभ –
आज कुछ फालतू कामों में आपकी ऊर्जा खर्च हो सकती है। आपको कुछ मामलों में आज काफी परिपक्वता का प्रदर्शन करना होगा। अपने अंदर उदारता का भाव बनाए रखें, परिस्थितियों को कुछ शांति और धैर्य के साथ संभालने की कोशिश करनी होगी। अपने आप को काम पर फोकस करने की जरूरत होगी। जिम्मेदारियों पर फोकस कम रह सकता है या कुछ ऐसे काम आपके हिस्से आ सकते हैं, जिनका कोई खास परिणाम आपको ना मिले।
करियर – निवेश का सही समय है। आप अपनी रचनात्मक ऊर्जाओं को गलत जगह पर बर्बाद करेंगे।
अपने साथी से बिना किसी अपेक्षा के रिश्ते में अपना योगदान करने का दिन है।
हेल्थ – कुछ जटिल स्वास्थ्य समस्याएं आ सकती हैं। इसके लिए आपको मेडिटेशन का सहारा लेना लाभदायक रहेगा।

मिथुन –
आज का दिन आपके लिए थोड़ा उथल-पुथल भरा रह सकता है। आपके लिए चीजें थोड़ी मुश्किल हो सकती है। परिस्थितियों के बदलने से कुछ मामलों में आप बेचैनी का अनुभव कर सकते हैं। अपने मन को शांत करें और जब तक यह टल ना जाए, इसी स्थिति में रहें। कभी-कभी, जितना अधिक आप किसी स्थिति का विरोध करते हैं, वह उतनी ही आपके लिए परेशानी का कारण बनती है।
करियर – कोई बहुत जरूरी काम टल जाएगा। वित्तीय संकट तनाव का कारण हो सकता है। व्यापारिक सौदों में अपना पक्ष पूरे जोर के साथ रखें।
किसी निश्चित व्यक्ति की अनुपस्थिति आपको कई बार बेहद भावुक करेगी और गुस्सा दिलाएगी। आपके रिश्ते बहुत सारे नियमों से बंधे होंगे।
हेल्थ – गहरी सांस लेना आपकी भावनाओं को डिटॉक्स करने में आपकी मदद कर सकता है। ये आपको तनाव से दूर रहने में मदद करेगा।

कर्क –
आज आपको जल्दबाजी में कुछ फैसलों से गुजरना पड़ सकता है। आपके सामने कुछ घटनाक्रम बहुत तेजी से घट सकते हैं, आप इसके लिए तैयार नहीं रहेंगे। कुछ काम आपकी लापरवाही से अटक सकते हैं। दिन आपके लिए नई बातों की शुरुआत के लिहाज से काफी अच्छा रह सकता है। आपको इसका लाभ उठाना चाहिए। निवेशक निर्यात और आयात से संबंधित एक नए बिजनेस में निवेश कर सकते हैं।
करियर – कुछ टारगेट्स को पाने के लिए कठिन प्रयास करें, इसमें आप अपने पक्ष में परिणाम देखेंगे।
संबंधों की ओर से आप संतुष्ट रहेंगे। अपने आस-पास के लोगों के वशीभूत होने से सावधान रहें। ॉ
हेल्थ – आपका स्वास्थ्य आपको प्रभावित कर सकता है। मौसमी बीमारियों से सावधान रहें।

सिंह –
आज का दिन आपके लिए कुछ भागदौड़ भरा हो सकता है। आप कुछ मामलों में चीजों को संभाल पाएंगे लेकिन कुछ परिस्थितियां आपके विपरीत हो सकती है। आप अपने आसपास कुछ अजीब सी हलचल महसूस करेंगे। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को लेने से पहले आपको उसके बारे में गहराई से विचार करना होगा। व्यक्तिगत मामलों में खुद को ठगा हुआ या कुछ निराशा से भरा हुआ महसूस कर सकते हैं। नए व्यवसाय आपको लाभ दे सकते हैं।
करियर – आर्थिक मामलों में आज काफी व्यस्तता रह सकती हैं। निश्चित निवेश और निर्णयों पर पछता सकते हैं, इसलिए जरूरी फैसलों को टाल दें।
प्रेम के मामले में आप खुद को उदास महसूस करेंगे। क्रोध और दर्द को दबाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
हेल्थ – स्कीन एलर्जी और गले में तकलीफ हो सकती है।

कन्या –
आज का दिन कुछ मामलों में बेहतरीन परिणाम देने वाला रह सकता है। आपके लिए परिस्थितियां काफी अनुकूल रह सकती हैं। आपके लिए कुछ नई उपलब्धियों वाला हो सकता है। हालांकि, कुछ परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है। आज का दिन आपके लिए मानसिक रुप से थका देने वाला हो सकता है। काफी मशक्कत के बाद मिला परिणाम आपको राहत देगा।
कैरियर – कार्य स्थल पर और कैरियर में एक प्रोडक्टिव समय है। किसी भी नई योजना को बिना देरी किए लागू किया जाना चाहिए।
कुछ समय अकेले बिताएं। वर्तमान संबंध तनाव को दूर करने के लिए आपको अपने साथी को कुछ स्थान देने की आवश्यकता है।
हेल्थ – अपने शरीर पर ध्यान देने की आवश्यकता है, थकान और तनाव दूर करने के लिए आप मालिश का सहारा ले सकते हैं।

तुला –
आज का दिन आपके लिए कुछ मामलों में परेशान करने वाला हो सकता है। कुछ मामलों में एग्रेशन के कारण आप अपना आपा खो सकते हैं। कुछ मामलों से परेशान हो सकते हैं। आज आप कुछ मामलों में आलोचना कर सकते हैं और अपने आसपास की हर चीज में गलतियां निकालेंगे। आप घर और कार्यस्थल पर किसी के साथ बोलचाल भी बंद कर सकते हैं। अपने व्यवहार को संयमित करने की आवश्यकता है।
करियर – करियर में आप दूसरों पर बहुत हावी हो सकते हैं।
प्रेम में आप खुद को अनिश्चितता से निश्चितता की ओर बढ़ते हुए पाएंगे। एक नया रिश्ता कार्ड्स पर है।
हेल्थ – अधिक वसा वाले भोजन से दूर रहें। पेट का ध्यान रखें। अपच की समस्या हो सकती है।

वृश्चिक –
आज का दिन आपको आत्मविश्वास की कमी महसूस करा सकता है। आपके लिए चीजें वैसे ही कुछ परेशानी भरी हो सकती हैं। आप में से कुछ में साहस की कमी हो सकती है, बहुत अधिक चिंता या भय हो सकता है। आप में से कुछ बहुत भटकाव और असुरक्षित महसूस कर सकते हैं। आपके आस-पास के लोग कोई षडयंत्र या जोड़ तोड़ कर सकते हैं। इससे आपके लिए कुछ नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं। सावधान रहें।
करियर – पुराने प्रोजेक्ट या अधूरे काम आने वाले दिनों में पूरे हो जाएंगे।
आप किसी नए रिश्ते में आगे बढ़ने पर विचार करेंगे लेकिन एक पिछले रिश्ते के अनुभव आपको आगे बढ़ने से रोक सकते हैं।
हेल्थ – आपको डिटॉक्स डाइट पर जाने की जरूरत है। व्यायाम करना शुरू करें।

धनु –
आज का दिन आपके लिए कुछ अच्छी सूचनाओं के साथ आ सकता है। आपको अपने करियर, व्यवसाय और जीवन में कुछ नया होने की उम्मीद आज जाग सकती है। कुछ नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है। नए लोगों से मुलाकात आपके लिए फायदेमंद होगी। कुछ पुराने मामलों में आपको राहत भी मिल सकती है। समय अच्छा गुजरेगा, दिन आपके अनुकूल है। दिन कुल मिलाकर काफी अच्छा और लाभ देने वाला रह सकता है।
करियर – नए अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए अच्छा समय है। एग्रेसिव और साहसी बनें। किसी समस्या का हल अचानक दिखाई देगा।
भावनात्मक रूप से यह आपके लिए बहुत अच्छा समय है। पुरानी यादों से मुक्ति मिल सकती है। आप रिश्तों में डर और आशंका महसूस करेंगे।
हेल्थ – आपको बहुत सारी नींद और आराम की आवश्यकता है। आप ओवरएक्टिव हो सकते हैं। ध्यान तनाव को दूर करने में मदद कर सकता है।

मकर –
आज काम में थोड़ी कूटनीति आपको वह तरक्की दिला सकती है, जिसका आप इंतजार कर रहे थे। यात्रा पर भी जा सकते हैं, लेकिन इन सब में अपनी प्रायोरिटिज को ना भूलें। नए विचारों के साथ आगे बढ़ने का अच्छा समय है। भावनात्मक रूप से आप काफी दबे हुए हैं, अपनी भावनाओं खुल कर व्यक्त करने का समय है। आप आज कई मामलों में परिस्थितियों को रुका हुआ पाएंगे। एक ठहराव सा आपके सामने होगा।
करियर – आपके करियर के मोर्चे पर कुछ चीजें अभी थोड़ी रुकी हुई लगेंगी।
रिश्तों में आपके लिए काफी आनंददायक समय रहेगा।
हेल्थ – आपको सिरदर्द और पीठ में दर्द की शिकायत रह सकती है। सावधान रहें।

कुंभ –
आज का दिन उनके जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। अपने भविष्य के लिए कुछ नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है। करियर की राह में आगे बढ़ने पर विचार करेंगे। आपके लिए समय काफी अच्छा रह सकता है। संपत्ति में निवेश कर सकते हैं। आप काफी बचत कर पाएंगे। आर्थिक दृष्टिकोण से आपके लिए समय काफी अच्छे परिणाम देने वाला रहेगा। कुछ मामलों में छोटे विवाद भी हो सकते हैं। थोड़ा सोच-समझकर ही बोलें।
करियर – करियर में स्पष्टता और तरक्की आएगी। शेयर और अन्य निवेश के लिए अच्छा समय है।
एक नया रिश्ता एक गंभीर प्रतिबद्धता में बदल जाएगा। शादी निश्चित रूप से उन लोगों के लिए कार्ड पर है जो इसके लिए तैयार थे।
हेल्थ – आपके मन में बहुत खटपट चल रही है। आप थका हुआ महसूस करेंगे और दिनचर्या में संतुलन की आवश्यकता है।

मीन –
आज का दिन आपके लिए करियर में सफलता का है। नए काम की शुरुआत या नई योजनाओं को लागू करने के लिए अच्छा समय है। संपत्ति में दिलचस्पी रखने वाले लोग, निवेश करने का एक सही समय। आर्थिक लाभ के संकेत मिल रहे हैं। परिवार के साथ मतभेद रह सकता है। थोड़ा कन्फ्यूजन और गलतफहमी की स्थिति बन सकती है। दिन फिर भी अंत में आपके लिए सफलतादायक रहेगा।
करियर – आप में से कुछ लोगों के लिए करियर में स्थान परिवर्तन या बदलाव का निर्णय लेने का समय है।
अविवाहितों के लिए नए साथी के मिलने के योग हैं। विवाहितों को जीवनसाथी से सहायता मिलेगी।
हेल्थ – सिर दर्द और गले की समस्याओं पर नजर रखें। ये गंभीर रुप ले सकती हैं। सावधानी रखें

जिनका आज जन्मदिन है उनको हार्दिक शुभकामनाएं

अंक ज्योतिष के अनुसार आपका मूलांक तीन आता है। यह बृहस्पति का प्रतिनिधि अंक है। ऐसे व्यक्ति निष्कपट, दयालु एवं उच्च तार्किक क्षमता वाले होते हैं। अनुशासनप्रिय होने के कारण कभी-कभी आप तानाशाह भी बन जाते हैं। आप दार्शनिक स्वभाव के होने के बावजूद एक विशेष प्रकार की स्फूर्ति रखते हैं।

आपकी शिक्षा के क्षेत्र में पकड़ मजबूत होगी। आप एक सामाजिक प्राणी हैं। आप सदैव परिपूर्णता या कहें कि परफेक्शन की तलाश में रहते हैं यही वजह है कि अकसर अव्यवस्थाओं के कारण तनाव में रहते हैं।

शुभ दिनांक : 3, 12, 21, 30

शुभ अंक : 1, 3, 6, 7, 9

शुभ वर्ष : 2028, 2030, 2031, 2034, 2043, 2049, 2052

ईष्टदेव : देवी सरस्वती, देवगुरु बृहस्पति, भगवान विष्णु

शुभ रंग : पीला, सुनहरा और गुलाबी

कैसा रहेगा यह वर्ष
यह वर्ष आपके लिए अत्यंत सुखद है। किसी विशेष परीक्षा में सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा के लिए प्रतिभा के बल पर उत्तम सफलता का है। नवीन व्यापार की योजना भी बन सकती है।

दांपत्य जीवन में सुखद स्थिति रहेगी। घर या परिवार में शुभ कार्य होंगे। मित्र वर्ग का सहयोग सुखद रहेगा। शत्रु वर्ग प्रभावहीन होंगे। महत्वपूर्ण कार्य से यात्रा के योग भी है।