वरिष्ठ सपाई चुनाव प्रचार से दूर, आखिर अकेले दयाशंकर वर्मा क्यों हुए मजबूर.…

0
38

वरिष्ठ सपाई चुनाव प्रचार से दूर, आखिर अकेले दयाशंकर वर्मा क्यों हुए मजबूर.…

उरई जालौन। उरई विधानसभा सुरक्षित सीट पर पहले तो समाजवादी पार्टी में टिकट को लेकर घमासान होता रहा, जिससे समाजवादी पार्टी में दो फड़ देखने को मिले। एक फड़ अपने प्रत्याशी को टिकट मिलने की बधाई देते रहा था दूसरा फड़ टिकट बदलने के बाद अपने प्रत्याशी के लिए खुशी जाहिर करते नजर आया। सभी पार्टी में दावेदार तो कई थे लेकिन टिकट सिर्फ एक को मिलना था जो मिल गया। वही समाजवादी पार्टी में भी उरई विधानसभा से दो बार टिकट चेंज हुआ और लास्ट में एक टिकट दया शंकर वर्मा का हो गया।  लेकिन एक टिकट पार्टी में नेताओ की नाराजगी जाहिर कर गया। जिन प्रत्याशी का टिकट हुआ वह पहले ही दल बदलू के लिए अपनी पहचान बनाए रहे हैं। अब वह पार्टी के अंदर टूटन का भी काम कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों की मानें तो समाजवादी पार्टी से उरई विधानसभा के प्रत्याशी दयाशंकर वर्मा के खिलाफ कुछ नेता बगावत पर उतारू हैं। समाजवादी के वरिष्ठ नेता पहले से ही प्रत्याशी के खिलाफ बगावत करते रहे हैं और उनकी नीतियों का विरोध करते रहे हैं। जो कई बार देखने को भी सार्वजनिक मिला है। वही अब प्रचार की बात करें तो कार्यकर्ताओं की भीड़ प्रत्याशी जुटाने में असफल साबित हो रहे हैं। क्योंकि विपक्ष की पार्टी के वरिष्ठ नेता घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं तो वहीं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता उरई विधानसभा से शायद कहीं गायब है। वहे न तो वोट मांग रहे हो ना ही शायद समर्थन में दिख रहे हैं।  जिससे उरई विधानसभा के समीकरण डगमगाने की ओर बढ़ रहे हैं। अन्य विधानसभा में सपा के सभी वरिष्ठ नेता घर-घर प्रचार प्रसार करके समाजवादी पार्टी की लहर बनाए हुए हैं, तो वही उरई मुख्यालय के निवासी नेता कालपी माधोगढ़ विधानसभा तो जा रहे। लेकिन उरई विधानसभा में कहीं नहीं दिख रहे आखिर क्या वजह है जो समाजवादी पार्टी के नेता उरई विधानसभा से मुंह फेरे हुए हैं। आखिर क्या वजह रहती है जो वोटिंग से चंद दिनों पहले भी समाजवादी के पार्टी के प्रत्याशी वरिष्ठ नेताओं को मनाने में असफल साबित हो रहे हैं, खुद और अपने लड़के के साथ प्रचार में लगे समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी दया शंकर वर्मा के लिए वरिष्ठ नेताओं को क्यों तांता लगा है। वह सिर्फ अपने परिचितों के घर बैठ कर खुद को मोर्चा संभाले हुए एक वरिष्ठ नेता साबित कर रहे हैं। तो विपक्ष के प्रत्याशी की बात करा दो वह मीडिया और सोशल मीडिया पर सर्व समाज की बात करके उनका सहयोग लेकर हुंकार भर रहे हैं, और सभी समाज के लोग भी उनके सहयोग में दिख रहे हैं। यह ध्रुवीकरण कहीं सपा प्रत्याशी को हार का मुंह ना दिखा दे। शुरुवाती लहर के साथ उठे दया शंकर कही हार की आंधी का हिस्सा न बन जाए।

#चित्रकूट #जालौन #आन्या_एक्सप्रेस #बुन्देलखण्ड_दस्तक #ताजा_खबरें #न्यूज_उपडेट