क्षय रोग केंद्र के साथ 11 स्थानों पर टीबी जांच की मुफ्त सुविधा

0
43

क्षय रोग केंद्र के साथ 11 स्थानों पर टीबी जांच की मुफ्त सुविधा

– सभी जगह माइक्रोस्कोप से होती है बलगम की जांच

– टेस्ट को केजीएमयू व पीजीआई जाती है एमडीआर रिपोटर्

– बीच में इलाज छोड़ने से गंभीर रूप ले सकती है टीबी

चित्रकूट ब्यूरो: जनपद में क्षय रोग केंद्र के साथ 11 जगहों पर टीबी की निःशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है। लगातार दो हफ्ते से अधिक समय से खांसी आने, बुखार रहने, सीने में ददर्, भूख कम लगने आदि की शिकायत होने पर इन केन्द्रों पर शीघ्र जांच कराएं। जांच में क्षय रोग की पुष्टि होने पर अतिशीघ्र इलाज शुरू किया जायेगा। एक बार इलाज शुरू होने पर बीच में न छोड़ें क्योंकि ऐसा करने से टीबी गंभीर रूप ले सकती है। इस समय जिले में 1015 क्षय रोगियों का इलाज चल रहा है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डा. बीके अग्रवाल ने बताया कि जनपद में जिला अस्पताल, क्षय रोग केंद्र सहित 11 स्थानों पर टीबी जांच की सुविधा उपलब्ध है। टीबी के लक्षण महसूस होने पर संबन्धित व्यक्ति इन केन्द्रों पर जाकर जांच करा सकते हैं। टीबी की पुष्टि पर अतिशीघ्र इलाज शुरु किया जाएगा। रोगी को इलाज के दौरान खानपान में सुधार के लिए निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। यह राशि सीधे रोगी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
—-यहां करा सकते हैं जांच—-
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि संयुक्त जिला अस्पताल सोनेपुर, क्षय रोग केंद्र कवीर्, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवरामपुर, पहाड़ी, राजापुर, रामनगर, मऊ, मानिकपुर के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भौंरी, सरैयां और सीतापुर में भी क्षय रोग के जांच की सुविधा है।
—-ट्रूनेट और सीबीनाट से जांच—-
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि संयुक्त जिला अस्पताल सोनपुर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानिकपुर में  ट्रूनेट मशीन लगी है। क्षय रोग केंद्र (जिला क्षय रोग अधिकारी कायार्लय) में सीबीनाट मशीन लगी है जहां क्षय रोगियों की जांच की जा रही। सभी केन्द्रों में माइक्रोस्कोपी से बलगम की जांच हो रही हैद्य उन्होंने बताया कि सीबीनाट से जांच में मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर) कन्फमर् होने के बाद दवाओं को लेकर रिपोटर् एसटीडीसी स्टेट ट्रेनिंग एंड डीमांसट्रेशन सेंटर आगरा, केजीएमयू और पीजीआई भेजी जाती है।
—-टीबी के लक्षण—-

क्षय उन्मूलन कायर्क्रम के जिला समन्वयक ज्ञान चन्द्र शुक्ल ने बताया कि दो सप्ताह या और अधिक समय से लगातार खांसी आ रही हो तो यह टीबी का लक्षण हो सकता है। इसके अलावा बुखार आना, वजन घटना, भूख कम लगना, सीने में ददर्, खांसी के साथ बलगम आना, बलगम के साथ खून आना आदि टीबी के लक्षण हैं।

#बुन्देलखण्ड_दस्तक #आन्या_एक्सप्रेस
#चित्रकूट #जालौन   #ताजा_खबरें #न्यूज_उपडेट #उरई #झांसी #कानपुर #महोबा #हमीरपुर #डैली_उपडेट #ताजा_खबर #bundelkhandnews #bundelkhanddastak #बुंदेलखंडदस्तक