शासन की मंशानुरूप हो गुणवत्तायुक्त कार्य- लीना जौहरी

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शासन की मंशानुरूप हो गुणवत्तायुक्त कार्य- लीना जौहरी

– केंद्रीय प्रभारी ने लिया विकास कार्यो का जायजा

चित्रकूट ब्यूरो: सचिव पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय भारत सरकार तथा नीति आयोग की जिला चित्रकूट की केंद्रीय प्रभारी आईएएस लीना जौहरी ने गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी अमित आसेरी व एडीएम नमामि गंगे एस सुधाकरण के साथ चित्रकूट में जल जीवन मिशन के अंतगर्त निमार्णाधीन विभिन्न पाइप पेयजल परियोजनाओं के रैपुरा पाइप पेयजल परियोजना, इन्टेक वेल और डब्ल्यूटीपी का स्थलीय निरीक्षण किया ।
प्रथम स्थल इन्टेक में निरीक्षण के दौरान 47 प्रतिशत काम होना पाया गया। साथ ही सिंकिंग का कायर् गतिमान पाया गया। प्रभारी अधिकारी द्वारा प्रोजेक्ट को ससमय पूणर् करने का निदेर्श दिया गया। इसी प्रकार दितीय स्थल डब्ल्यूटीपी का निरीक्षण किया गया जहां पर 70 प्रतिशत कायर् पूणर् मिला। प्रोजेक्ट मैनेजर से पूछताछ करने पर बताया गया कि परियोजना को ससमय सितंबर तक पूणर् कर लिया जाएगा। इस दौरान उनके द्वारा अन्य कॉम्पोनेन्ट जैसे सीडब्ल्यूआर, वीज, और पाइपलाइन के बारे में पूछताछ करने पर प्रोजेक्ट मैनेजर के द्वारा बताया गया कि मैनपावर कम होने के कारण पाइप लाइन का कायर् अभी अधूरा है, जिस पर अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे एस सुधाकरन द्वारा प्रभारी मैडम को बताया गया कि इनके द्वारा पाइप लाइन में कम टीमें लगाई गई हैं तथा बार-बार चेतावनी देने के बाद भी कायर् में प्रगति नहीं लाई जा रही है। जिस पर एडीएम एस सुधाकरण द्वारा जीवीआरपी प्रोजेक्ट मैनेजर को कई बार फटकार भी लगाई जा चुकी है। प्रभारी मैडम के प्रस्थान के बाद अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे द्वारा डब्ल्यूटीपी पर ही समीक्षा बैठक की गई। जिसमें दोनों प्रोजेक्ट मैनेजर जल निगम, पीएमसी, टीपीआई तथा एसडब्ल्यूएसएम सभी उपस्थित रहे। जिसमें सिलौटा तथा चांदी बांगर परियोजना की भी समीक्षा की गई। जिसमें सिलौटा पेयजल परियोजना तथा चांदी बांगर पेयजल परियोजना को भी ससमय सितंबर में पूणर् करने के निदेर्श दिए गए हैं तथा अप्रोच ब्रिज का कायर् तत्काल चालू करने के निदेर्श दिए गए।
अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे द्वारा एक दिन पहले चांदीनगर परियोजना के इंटेक वेल और डब्ल्यूटीपी का स्थलीय निरीक्षण किया गया था, जिसमें इन्टेक पर अभी क्रेन मशीन के नहीं आने से सिंकिंग चालू नहीं हुई थी। जिस पर अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे एस सुधाकरण द्वारा कड़ी आपत्ति जताते हुए तत्काल चालू करने का निदेर्श दिया गया। द्वितीय स्थल डब्ल्यूटीपी का निरीक्षण किया गया, जहां पर भी बहुत कम मैन पावर की उपलब्धता पाई गई और मात्र चार कंपोनेंट पर कायर् प्रगतिशील पाया गया। जिस पर अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे द्वारा कड़ी आपत्ती जताई गई तथा एलएंडटी के प्रोजेक्ट मैनेजर को फटकार भी लगाई गई। अंत में दोनों एजेंसीयों के प्रोजेक्ट मैनेजर को परियोजना को ससमय पूणर् करने के निदेर्श दिए गए तथा जल निगम को इसकी समय-समय पर मॉनिटरिंग करते रहने का निदेर्श दिया गया। अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे द्वारा बताया गया कि किसी भी स्थिति में परियोजना में समय वृद्धि नहीं दी जाएगी अतः सभी गंभीरता पूवर्क कायर् करें। किसी भी विलंब या लापरवाही की स्थित में कायर्दायी संस्था तथा नोडल विभाग जल निगम के खिलाफ कायर्वाही की जाएगी। इस मौके पर डीसी मनरेगा धमर्जीत सिंह, कायर्दायी संस्था एलएंडटी के प्रोजेक्ट मैनेजर संजीव श्रीवास्तव, जीवीपीआर के प्रोजेक्ट मैनेजर श्रीनिवास, जल निगम परियोजना प्रबंधक राजेन्द्र सिंह, सहायक अभियंता आशीष भारती आदि मौजूद रहे।

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