विश्व मलेरिया दिवस (25 अप्रैल) पर विशेष

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विश्व मलेरिया दिवस (25 अप्रैल) पर विशेष

– तुरंत हो जांच, न आए मलेरिया से जीवन पर आंग
– बीच में दवा न छोड़े लक्षण समाप्त होने पर भी मलेरिया का पूरा इलाज कराएं

– साल दर साल कम हो रहे मलेरिया के मामले

चित्रकूट ब्यूरो: मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता और टीम भावना से काम करने से जनपद में लगातार मलेरिया के मामलों में कमी आ रही है। इधर वषर् 2022 में जनवरी से लेकर माचर् तक सिफर् एक पाजिटिव केस मिला है। इलाज से वह भी स्वस्थ हो चुका हैं। यह कहना है मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ भूपेश द्विवेदी का।
मुख्य चिकत्साधिकारी ने बताया कि आशाओं को क्षेत्र के लोगों की मलेरिया जांच के लिए एंटीजन किट दी गयी है। इसके साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लैब टेक्नीशियन द्वारा जाच की जा रही है। तीन साल से लगातार मलेरिया के केसों मे गिरावट आना जिले के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने बताया की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वषर् 2030 तक देश को मलेरिया मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। उनका प्रयास है कि उससे पहले जनपद मलेरिया से मुक्त हो जाए। एसीएमओ वेक्टर बानर् डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम डॉ संतोष कुमार का कहना है कि जिला मलेरिया अधिकारी और मलेरिया निरीक्षकों की टीम जिले में मच्छरों के लावार् को नष्ट करने के लिए संबंधित विभागों और सामुदायिक योगदान के जरिये अभियान में जुटे हुए हैं, लेकिन लोगों की सतकर्ता अधिक आवश्यक है।
जिला मलेरिया अधिकारी प्रमोद कुमार शुक्ला ने बताया की जिले की कुल जनसंख्या (10 लाख) का 10 प्रतिशत लोगों के जांच का लक्ष्य रहता है। आशाओं के द्वारा लोगों को ट्रेस कर उनकी स्लाइड बनाई जा रही है। वषर् 2022 में जनवरी से माचर् तक सात हजार से अधिक स्लाइड बनाई गयी हैं, लेकिन अब तक सिफर् एक ही पाजिटिव केस मिला है जो सुखद है। 2019 से 2022 तक जो भी मलेरिया से ग्रसित मिले, उन्हें इलाज दिया जा चुका है तथा सभी स्वस्थ हो चुके है। उन्होंने बताया की मादा एनाफिलीज मच्छर के द्वारा यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति से दूसरे तक फैलती है।
—-क्या है प्रमुख लक्षण —–
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया की मच्छर के काटने के तीन से सात दिन के अंदर तेज बुखार, कपकपी उठना, बुखार उतरने के बाद खूब पसीना आना और तेज सिर ददर् होना आदि मलेरिया के लक्षण हैं। लक्षण दिखते ही बिना देरी के सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध मलेरिया की निःशुल्क जांच कराएं और पाजिटिव होने पर तुरंत इलाज कराएं ताकि कैजुअल्टी की संभावना न रहे। पीवी (प्लाजमोडियम वायवेक्स) होने पर इलाज 14 दिन तक चलता है और पीएफ (प्लाजमोडियम फेल्सीपेरम) होने पर इसका इलाज 3 दिन तक चलता है। लक्षण समाप्त होने पर भी मलेरिया का पूरा इलाज कराएं, बीच में इलाज न छोड़े। समय पर इलाज न कराने से यह बीमारी रेजिस्टेंट हो जाती है।
—–ऐसे करें बचाव—–
बताया की मलेरिया से बचाव के लिए रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें, अपने आसपास गंदगी न करें, घर के आसपास जल भराव न होने दें, सुबह और शाम पूरी आस्तीन के कपड़े पहने ताकि मच्छर न काट सके, प्रति सप्ताह कूलर और फ्रिज का पानी बदल दे, छत के ऊपर पड़े बिना प्रयोग वाले बतर्न जिनमें पानी का ठहराव हो हटा दें, पशुबाड़े में यदि हौदे में पानी भरा है तो उसे एक हफ्ते में अवश्य बदल दें तथा यदि जानवर नहीं है तो उस हौदे को ही पलट दें, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखे और लावार् को खाने वाली गम्बुसिया मच्छली को कुओं और तालाबों में डाले।
—– मलेरिया आंकड़ों पर एक नजर—–
वषर् 2019 में 51,201 स्लाइड बनी जिनमें 319 पाजिटिव मिले, वषर् 2020 में 14,356 स्लाइड बनी जिनमें 26 पॉजिटिव मिले, वषर् 2021 में 21,619 स्लाइड बनी जिनमें 22 पॉजिटिव मिले तथा वषर् 2022 में (जनवरी से माचर् तक) 7130 स्लाइड बनी जिनमें अब तक सिफर् एक ही पॉजिटिव केस मिला है। जिसे त्वरित इलाज दिया गया और अब वह स्वस्थ हो चुका हैं।
—–क्यों मनाते हैं मलेरिया दिवस—–
हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है। विश्व मलेरिया दिवस का मुख्य उद्देश्य मलेरिया से लोगों को जागरूक करना, उसका निवारण और नियंत्रण के लिए प्रयास करना है। विश्व मलेरिया दिवस 25 अप्रैल 2008 को पहली बार मनाया गया। मलेरिया से भारत सहित तमाम देशों में हर साल लाखों लोग मरते हैं। इसलिए मलेरिया दिवस का आयोजन कर लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाता है।

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