जिलाधिकारी चाँदनी सिंह ने वज्रपात से बचाव हेतु बताया

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जिलाधिकारी चाँदनी सिंह ने वज्रपात से बचाव हेतु बताया

उरई (जालौन) कि रबर सोल के जूते व टायर वज्रपात से सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं अतः वज्रपात से बचाव हेतु सुरक्षित स्थान पर रहना ही उचित है, बिजली गिरने व चमकने को खिड़की से न देखें, बादलों की गड़गड़ाहट का तेज व बार-बार होना बड़े खतरे की सूचना है, बादलों की गड़गड़ाहट सुनायी देने पर या बिजली चमकती दिखायी देने पर तुरन्त सुरक्षित स्थान पर आश्रय लें, वज्रपात के दौरान बिजली से चलने वाले मुख्य उपकरण जैसे फ्रिज, कम्प्यूटर, टेलीविजन आदि को विद्युत आपूर्ति लाईन से निकाल दें व मोबाईल का उपयोग न करें, वज्रपात के स्थिति में नल से होकर आ रहे पानी का उपयोग न करें, पानी के नल में विद्युत प्रवाह हो सकता है, आपातकालीन सेवाओं का फोन नम्बर पास रखें, रेडियो से मौसम की जानकारी लेते रहें, बिजली चमकने की स्थिति में बाहर खुले में रहना सुरक्षित नहीं है अतः तुरन्त सुरक्षित आश्रय में जायें, लम्बे पेड़, खम्बों या घातु की वस्तुओं से दूर रहें, यह वज्रपात को आकर्षित करते हैं, शरीर के बालों का खड़ा होना तथा त्वचा में झुरझुरी महसूस होना बताता है कि आपके आस-पास बिजली गिरने वाली है, वज्रपात के कारण घायल हो गये व्यक्ति को छूना पूर्णतः सुरक्षित है इससे झटका नहीं लगता है, वज्रपात से घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल लें जायें, कंक्रीट के फर्श पर न लेटे और कंक्रीट की दीवारों का सहारा न लें, बिजली गिरने के दौरान इनमें करंट प्रवाह हो सकता है, अगर आप तालाब, नदी, नहर तथा खेत में सिंचाई कर रहे हों तत्काल वहाँ से बाहर निकल कर सुरक्षित स्थान पर चलें जायें, बादलों में गड़गड़ाहट होने पर मोबाइल फोन का प्रयोग न करें, चक्रवात एवं वज्रपात के सन्दर्भ में प्राप्त सही जानकारी को दूसरों तक पहुँचायें ।