उरई के इतिहास में पहली बार 92 निसंतान दंपत्ति के यहां गूंजी किलकारी, 150 का चल रहा इलाज

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उरई के इतिहास में पहली बार 92 निसंतान दंपत्ति के यहां गूंजी किलकारी, 150 का चल रहा इलाज

उरई में हुआ इलाज, महिलाओं के साथ पुरुषों में भी मिली कमियां सभी का हुआ इलाज

 

उरई (जालौन) शहर में एक डॉक्टर के द्वारा जो किया जा रहा है। वह काबिले तारीफ में जिसकी चर्चा जोरों पर है। नि:संतान दंपतियों के यहां पहली बार बच्चों की किलकारी गूंज रही है। जो हार मान चुके थे। 12 से 14 साल बाद लोगों के यहां जब बच्चा पैदा हुआ तो वह अपनी आंखों से आंसू रोक नहीं पाए। एक साल पहले 25 मरीज थे। अब आंकड़ा 100 के पार है।
उरई में डॉक्टर फातिमा अंसारी ने बो कर दिखाया। जिसको लोग चमत्कार से कम नहीं मानेंगे। लेकिन यह जादू टोना टोटका चमत्कार से नहीं विज्ञान और डॉक्टर की पढ़ाई से पूरा हो सका है। निसंतान दंपतियों का इलाज एक साल से उनके द्वारा किया जा रहा है। जिसमें से अभी तक 92 मरीज प्रेगनेट आए हैं। ये महिलाएं 5 महीने 6 महीने की प्रेग्नेंट है। वहीं 24 परिवारों के यह बच्चों को किलकारी गूंजने लगी। इसके साथ ही 150 मरीजों का इलाज चल रहा है। डॉक्टर फातिमा अंसारी द्वारा बताया गया कि एक साल से उनके द्वारा इलाज किया जा रहा है। जिसमें उरई, राठ, महोबा ,कालपी, कोच, कुरारा, महोबा,ललितपुर, चित्रकूट, झांसी, कानपुर, इटावा, मैनपुरी,औरैया तक के मरीज पहुंचे हैं। सभी मरीजों का इलाज हुआ। इसके साथ ही लोगो का इलाज दवा,ऑपरेशन,आईवीएफ की पहली फेज से किया गया। सभी में सफलता मिली। उन्होंने बताया कि पुरुषों में भी कई कमियां मिली। जिनका इलाज डॉक्टर अदील अंसारी ने किया। ऑपरेशन हुए उसके बाद दोनों दंपत्ति बच्चों का सुख ले पाए। ग्रामीण सुबह ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद मरीज की संख्या बढ़ना शुरू हो गई थी। आज डेढ़ सौ ज्यादा मरीज और इलाज कर रहे हैं। अपनी सेवा होप क्लीनिक महिला अस्पताल के पास दे रहे हैं।

केस 1-
राठ के एक दंपत्ति ने बताया कि उनके 14 साल से कोई बच्चा नहीं हो रहा था। कई जगह झाड़ फूंक भी कार्रवाई। उसके बाद भी कोई फायदा नहीं मिला डॉक्टर के यहां जाते थे तो उन्होंने साफ मना कर दिए थे। इसका कोई इलाज नहीं है। एक साल पहले जब डॉक्टर फातिमा को दिखाया। इलाज चला अब उनके यहां एक लड़की है।

केस 2-
कालपी के दंपत्ति ने बताया कि उनके यहां 8 साल से कोई बच्चा नहीं हो रहा था जब डॉक्टर फातिमा को दिखाया तो उन्होंने इलाज बताया एक साल इलाज चल उसके बाद उनके यहां एक लड़का हुआ है। घर परिवार वाले भी कोसने लगे थे। लेकिन जब बच्चा हुआ। सभी आज खुश है।

केस 3-

चित्रकूट की एक दंपत्ति ने बताया उनके यहां 10 साल से कोई बच्चा नहीं हो रहा था। ससुराल वालों ने तो ससुराल में रखने से भी इंकार कर दिया था। सोशल मीडिया के माध्यम से जब डॉक्टर फातिमा के बारे में जानकारी हुई। इनको दिखाई तो डेढ़ साल के अंदर उनके घर में किलकारी गूंजने लगी।आज डॉक्टर हमारे लिए भगवान से कम नहीं है।

केस -4

उरई बजरिया निवासी दंपत्ति ने बताया उनके यहां बच्चा 6 साल से नहीं हो रहा था। जब पास में डॉक्टर फातिमा को दिखाया तो इलाज चल 6 महीने बाद वह प्रेग्नेंट हो गई। एक माह पहले उनके बच्चा हुआ घर वालों में बहुत खुशी है उन्होंने सोचा था कि अब कभी वह मां नहीं बन पाएगी।

इनसेट……………….

महिलाओं में मुख्य कारण

० अंडे ना बनना
० अंडे का पूर्ण विकसित ना होना
० ट्यूब बंद हो जाना
० बच्चेदानी में संक्रमण होना
० मुख्यता पेट में टीबी होना
० महामारी के आने में अनियमितता
० मोटापा, थायराइड

पुरुषों में मुख्य कारण

० शुक्राणु ना बनना
० शुक्राणु का काम बनना
० नशे का सेवन करना
० डक्ट बंद होना