मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक

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लखनऊ:- प्रदेश के व्यावासायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बुधवार को कौशल विकास मिशन कार्यालय लखनऊ में विभागीय योजनाओं की समीक्षा बैठक की। उन्होंने प्रशिक्षण प्रदाताओं को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ रोजगार से जोड़ने का कार्य पूरी ईमानदारी से करें। इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाय। उन्होंने खराब प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षण प्रदाताओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि दिये गये लक्ष्यों को निर्धारित समय से पूरा करें। उन्होंने कहा कि युवाओं को प्रशिक्षण देने में लापरवाही करने वाले प्रशिक्षण प्रदाताओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाय।

  • युवाओं को अधिक से अधिक प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार से जोड़ने का कार्य करें
  • नियमित रोजगार मेलो का आयोजन कर युवाओं को दिये जाये रोजगार के अवसर
  • खराब प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षण प्रदाताओं पर मंत्री ने जताई कड़ी नाराजगी
  • समय से लक्ष्य न पूरा करने वाले प्रशिक्षण प्रदाताओं के खिलाफ की जाय कार्यवाही
  • अच्छा प्रदर्शन करने वाले टॉप 6 प्रशिक्षण प्रदाताओं को मंत्री ने किया सम्मानित
  • प्रशिक्षण प्रदाता अपने दायित्वों का निर्वाहन ईमानादारी से करें
  • सेवायोजित युवाओं की ट्रैकिंग कर, युवाओं से लिया जाय फीडबैक
  • रोजगार की संभावना के क्षेत्रों को चिन्हित कर युवाओं को बनाया जाय हुनरमंद

कौशल विकास मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें विभिन्न कम्पनियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये जा रहे है। उन्होंने कहा कि सेवायोजित होने वाले युवाओं की नियमित रूप से ट्रेकिंग की जाय, जिससे यह पता चल सके कि सेवायोजित युवा सम्बन्धित कम्पनी में कार्य कर रहे या नही। उन्होंने निर्देश दिया कि युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मेलों का आयोजन कर रोजगार के अवसर प्रदान किये जाय। उन्होंने कहा कि दिये गये दायित्वों का निर्वाहन पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी से करें, लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नही की जायेगी। उन्होंने कहा कि कौशल प्रशिक्षण योजनाओं का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार दिलाना है इसलिए प्रशिक्षण देने वाली एजेन्सीज को अपने दायित्व को निर्वहन करें।

कौशल विकास मंत्री ने कहा कि टैक्नोलॉजी के विस्तार ने नये-नये क्षेत्रों में रोजगार के अवसर व आवश्यकताओं को जन्म दिया है। इसलिए भविष्य में रोजगार की संभावना के क्षेत्रों को चिन्हित कर उनमें प्रशिक्षण दिलाने की विशेष कार्ययोजना तैयार करे। उन्होंने रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इण्टेलीजेंस, मशीन लर्निग, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कम्प्यूटरिंग, ग्रीन इनर्जी जैसे क्षेत्रों मे युवाओं को प्रशिक्षण देने पर जोर दिया।

प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शन्भुगा सुन्दरम ने बताया कि कौशल विकास मिशन द्वारा प्रारम्भ किये गये नवाचारों में एचसीएल टेक्कनोलोजिस, आईबीएम(रिचा), ओला, माई ट्रासफार्म, टीसीएस(आईओएल) के साथ गैर वित्तीय अनुबंध हस्ताक्षरित किये गये है। प्रदेश के मान्यता प्राप्त इंजीनियरिंग कॉलेजों को इंजीनियरिंग उद्यमशीलता प्रयास के अन्तर्गत अनुबंधित किया जाना है। इसके अलावा स्टार्टअप्स को स्किल ईको सिस्टम से जोड़ने के लिए विशेष आरएफपी जारी की गयी है।

मिशन निदेशक कौशल विकास रमेश रंजन ने बताया कि नयी तकनीकों को प्रशिक्षण देने हेतु 100-100 छात्रो व प्रशिक्षकों को आईआईटी मण्डी, हिमाचल प्रदेश भेजकर प्रशिक्षण दिलाया गया है। इसके अलावा आईआईटी कानपुर व आईआईटी तिरूपति के साथ भी युवाओं को प्रशिक्षण दिलाने की कार्यवाही की जा रही है। उद्योगों की मांग व उद्योगों में रोजगार के अवसर को देखते हुए एलएण्डटी एजूटेक के माध्यम से विशिष्ट प्रकार के उद्योन्मुखी कोर्सेस में इंजीनियरिंग कॉलेजों मे पढ़ रहें छात्रों को भी प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है।

बैठक के उपरान्त कौशल विकास मंत्री ने अच्छा प्रदर्शन करने वाले टॉप 6 प्रशिक्षण प्रदाताओ को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शन्भुगा सुन्दरम एवं मिशन निदेशक कौशल विकास रमेश रंजन द्वारा कौशल विकास मंत्री को सम्मानित करते हुए उन्हें प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया।

बैठक में विशेष सचिव अभिषेक सिंह, निदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजन कुणाल सिल्कु सहित प्रशिक्षण प्रदाता व विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।