शुभ मुहूर्त मे ही होगा होलिका दहन,नही पड़ेगा भद्रा और चन्द्र ग्रहण का असर -आचार्य किशन द्विवेदी

शुभ मुहूर्त मे ही होगा होलिका दहन,नही पड़ेगा भद्रा और चन्द्र ग्रहण का असर -आचार्य किशन द्विवेदी

कालपी ( जालौन)हिन्दू पंचांग के अनुसार होलिका दहन का फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को किया जाता है और इसके अगले दिन पूरे भारत मे हर्षोल्लास के साथ रंग भरी होली का त्यौहार मनाया जाता है लेकिन इस बार होलिका दहन मुहूर्त के समय भद्रा का साया एवं चन्द्र ग्रहण होने से लोग असमंजस की स्थिति मे हैं कि आखिर होलिका दहन 24 मार्च को होगा या 25 मार्च को ।
इस पर प्रकाश डालते हुये सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य किशन द्विवेदी जी ने बताया कि इस बार पूर्णिमा तिथि 24 मार्च की सुबह 09 बजकर 55 मिनट से पृथ्वी लोक की अशुभ भद्रा के साथ प्रारंभ होकर 25 मार्च को दोपहर 12 बजकर 30 मिनट तक रहेगी , लेकिन भद्रा रात को 11 बजकर 13 मिनट तक ही रहेगा ।
इसलिए भद्रा समाप्त होने के बाद रात्रि मे 11 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 24 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग में ही होलिका दहन का शुभ मुहूर्त है ।
महाराज जी ने आगे बताया कि इस बार चन्द्र ग्रहण जो कि 25 मार्च को सुबह 10 बजकर 42 मिनट से दोपहर 03 बजकर 01 मिनट तक रहने वाला है और ये भारत मे दिखाई नही देगा और न ही इस ग्रहण का सूतक भारत मे मान्य होगा, इसलिए व्रत की पूर्णिमा 24 को एवं स्नान दान पूर्णिमा 25 को ही मान्य होगी ।
होलिका दहन की पूजा करते समय सफेद या पीले वस्त्र नही पहनने चाहिए, महिलाएं पूजा के समय अपने बाल खुले न छोड़ें,इस समय नकारात्मक शक्तियां प्रभावी रहतीं हैं इसलिए रास्ते मे पड़ी किसी भी वस्तु को उठाकर घर मे न लायें ,
नवविवाहिता को होलिका दहन नही देखना चाहिये और शुभ मुहूर्त मे ही पूजा करनी चाहिए।