कोंच शटल ट्रेन को कालपी तक बढ़ाने की मांग

कोंच शटल ट्रेन को कालपी तक बढ़ाने की मांग

लंबी दूरी की ट्रेनों का भी कालपी में स्टापेज नहीं होता

कालपी(जालौन) यात्रियों की सुविधाओं के लिये कोच शटल ट्रेन को सरसौखी से कालपी रेलवे स्टेशन तक बढ़ाने की मांग की ज रही है। वैसे भी लंबी दूरी की ट्रेनों का कालपी में ठहराव न होने से जनता को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
विदित हो कि पिछले सप्ताह एट-कोच के बीच चलने वाली शटल ट्रेन का फेरा भी कोच, एट, उरई होकर सरसौकी रेलवे स्टेशन तक बढ़ा दिया गया है। जबकि सरसौकी रेलवे स्टेशन मे शटल ट्रेन में सवारियों के बैठने में कोई दिलचस्पी नहीं है। जबकि कालपी से सरसौकी की दूरी मात्र 22 किमी है। कालपी – सरसौकी रेलवे स्टेशन के बीच में आटा, उसरगांव तथा कालपी रेलवे स्टेशन है।इन तीनों रेलवे स्टेशनों में भारी संख्या में यात्रियों के ट्रेन से उतरते व चढ़ते हैं।
यह भी बताया गया है कि ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी के रूप में विख्यात कालपी रेलवे स्टेशन में लंबी दूरी की ट्रेनों पुष्पक एक्सप्रेस, उधोग नगरी एक्सप्रेस,एलटीटी, राप्ती सागर एक्सप्रेस उधोग कर्मी एक्सप्रेस आदि गाड़ियों के ठहराव नहीं होते हैं। जबकि नजदीक के पुखरायां तथा उरई रेलवे स्टेशनों में लम्बी दूरी की ट्रेनो का ठहराव होता है। पिछले सप्ताह लम्बी दूरी की दो ट्रेनो का स्टापेज शुरू किया गया है। दक्षिण भारत को जाने वाली यात्रियों को मजबूरी बस उरई या कानपुर स्टेशन पहुंचकर ट्रेन में चढ़ना या उतरना पड़ता है। इससे समय व धन दोनों ही की बर्बादी होती है। उधोग व्यापार मंडल अध्यक्ष रविंद्र नाथ गुप्ता,उ.प्र. हाथ कागज निर्माता समिति के अध्यक्ष नरेंद्र तिवारी, समाजसेवी मनोज चतुर्वेदी,जय खत्री, सुनील पटवा, अतुल गुप्ता सिंटू ने उच्च अधिकारियों से मांग उठाई है कि कोच शटल ट्रेन का फेरा कालपी रेलवे स्टेशन तक बढ़ाया जाये तथा लंबी दूरी की ट्रेनों का कालपी में ठहराव कराया जाए।