प्ली बारगेनिंग के तहत अपराध स्वीकृति पर किया जाता है हल्के दंड से दंडित- विदुषी मेहा 

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प्ली बारगेनिंग के तहत अपराध स्वीकृति पर किया जाता है हल्के दंड से दंडित- विदुषी मेहा
– जिला कारागार में हुआ विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन
चित्रकूट: उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निदेर्शानुसार एवं जनपद न्यायाधीश के निदेर्शानुसार शुक्रवार अपराह्न पूणर्कालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विदुषी मेहा ने जिला कारागार में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया। उन्होंने बंदियों को उनके विधिक अधिकारों के संबंध में बताया।
उन्होंने कहा कि यदि किसी जेल में निरुद्ध बंदी का कोई अधिवक्ता नहीं है तो वह विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निशुल्क अधिवक्ता,  विधिक सहायता प्राप्त करने का हकदार है। यह भी बताया कि प्ली बारगेनिंग के अंतगर्त अभियुक्त, अभियोजन व पीड़ित पक्ष आपसी सामंजस्य से प्रकरण के निपटारे के लिए न्यायालय के अनुमोदन से एक रास्ता निकालते हैं। इसके तहत अभियुक्त द्वारा अपराध स्वीकृति पर उसे हल्के दंड से दंडित किया जाता है जो अन्यथा कठोर हो सकता है। प्ली बारगेनिंग आपराधिक मामलों में समझौते का एक तरीका है। इसके तहत अभियुक्त कम सजा के बदले में अपने द्वारा किए गए अपराध को स्वीकार करके और पीड़ित व्यक्ति को हुए नुकसान और मुकदमे के दौरान हुए खचेर् की क्षतिपूतिर् करके कठोर सजा से बच सकता है। प्ली बारगेनिंग केवल उन अपराधों पर लागू होता है, जिनके लिए कानून में सात वषर् तक सजा का प्रावधान है।

 

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