शिक्षा मित्र के भरोसे संचालित हो रहा चाँदनपुरा विद्यालय।

रामपुरा:-विकास खंड में शैक्षिक उन्नयन की बात करना बेमानी साबित हो रहा है। कहीं पर पूरी तरह से शिक्षण कार्य पटरी से उतर चुका है, तो कहीं पर अध्यापकों की कमी शिक्षण व्यवस्था को चौपट कर रहा है। प्रत्येक शिक्षा सत्र में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा अधिकाधिक छात्रों को प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचाने का अभियान चलाया जाता है। लेकिन छात्रों के विद्यालय पहुंचने के बाद उनकी सुविधाओं से मुंह मोड़ लेना भी विभाग की परंपरा में शामिल हो गया है। संसाधनों व शिक्षकों का अभाव तो कहीं कहीं पर शिक्षकों का विद्यालय समय से ना पहुँचना तमाम प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय की नियति बन गई है। छात्रों की संख्या के अनुरूप विद्यालय में अध्यापक नहीं है। कई ऐसे विद्यालय भी हैं, जहां शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह महज एक शिक्षामित्र के भरोसे है। ऐसे में इन विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की चुनौती बनी हुई है। प्राथमिक विद्यालय चाँदनपुरा में महज एक शिक्षा मित्र ही नौनिहाल बच्चों की कमान कसे है। शासन ने विद्यालय के समय में परिवर्तन किया है लेकिन विद्यालय में तैनात अध्यापक समय से ना पहुँचने पर शिक्षा मित्र प्रेमनारायण ही बच्चों को पढ़ाने में लगे थे जानकारी के अनुसार विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर राहुल रेजा की तैनाती है समय से अध्यापन कार्य ना होने से बच्चों का भविष्य कहीं ना कहीं अंधकार में बना हुआ है।
बीएसए सचिन कुमार यादव ने कहा कि उक्त विद्यालय के बारे बीईओ से आख्या माँगी जाएगी। जिसके बाद कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।