दिन में कुत्तों की ‘पंचायत’, शाम को शराबियों का आतंक

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जिला महिला चिकित्सालय

  • मरीजों को रहती है चिंता, कहीं कुत्ते न कर दें हमला
  • स्वास्थ्यकर्मियों, सफाईकर्मियों की घोर लापरवाही

वाराणसी। पूर्वांचल का सबसे ज्यादा जाना माना राजकीय महिला चिकित्सालय कबीरचौरा की हालत इस समय काफी खस्ताहाल है। जननी वार्ड से लेकर रसोई घर तक आवारा कुत्तों का आतंक व्याप्त होने से भर्ती महिलाओं को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। हाल यह है कि दिन में दर्जनों की संख्या में एक से एक कुत्ते परिसर मेें घुमते रहते हैं। वहीं, शाम ढलते ही शराबियों का जमावड़ा परिसर में लगता है।

राजकीय जिला महिला चिकित्सालय सर्जिकल वार्ड 1 एवं दो, क्लीन लेबर रूम सेफ्टी का लेबर रूम, हौसला ट्रेनिंग सेंटर प्रशिक्षण रूम, एसएनसीयू औषधि भंडार रूम, इमरजेंसी रूम, ऑपरेशन थिएटर रूम, नसबंदी वार्ड, जच्चा-बच्चा वार्ड स्वास्थ्य कर्मियों एवं सफाई कर्मियों के घोर लापरवाही के चलते पूरे वार्ड में आवारा कुत्तों का दहशत फैला हुआ है। कहीं हैंडपंप खराब है तो कहीं फर्श उबड़ खाबड़ है तो कहीं बजबजाती गंदगी का अंबार एवं वार्डों के टूटे-फूटे स्टेचर, बेडशीट इधर उधर फेंके जाने से राजकीय महिला चिकित्सालय की हालत अब बद से बदतर हो गई है।

चारों ओर लापरवाही की आलम से कबीरचौरा अस्पताल की हालत खस्ताहाल हो गई है। कई बार भर्ती महिलाओं एवं उनके परिजनों ने समस्या के समाधान हेतु लिखित मौखिक शिकायत है करने के बाद भी अभी तक कोई सकारात्मक करवाई नहीं किया गया है और शाम होते ही शराबियों एवं अराजक तत्व का जमावड़ा महिला चिकित्सालय एव पुरुष चिकित्सालय तक हो जाती है और स्थानीय पुलिस स्वास्थ्य विभाग सब कुछ जानते हुए भी मौन धारण किए हुए हैं जिससे दूर व्यवस्थाओं का आलम चरम सीमा पर व्याप्त है।