मां मंदाकिनी नदी के पुनर्जीवित के जो कार्य अभी शुरू नहीं कराए हैं उन पर तत्काल कार्य शुरू कराए – डीएम

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माँ मंदाकिनी नदी के पुनर्जीवित के जो कार्य अधूरे हैं उन्हें 15 दिन के अंदर पूर्ण कराएं – डीएम

चित्रकूट- जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय की अध्यक्षता में मां मंदाकिनी नदी को वर्षभर प्रवाहमान बनाए रखने एवं पुनर्जीवित के संबंध में उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश के संबंधित अधिकारियों के साथ एक आवश्यक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई ।

जिलाधिकारी ने भूमि संरक्षण अधिकारियों को निर्देश दिये कि मां मंदाकिनी गंगा के पुनर्जीवित के जो कार्य अभी शुरू नहीं कराए हैं उन पर तत्काल कार्य शुरू कराए और अधूरे कार्यो को पूर्ण कराएं खंड विकास अधिकारियों से कहा कि जिन गांव में कार्य चल रहे हैं उसमें श्रमिकों की व्यवस्था संबंधित विभागों को कराएं अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई से कहा कि नालों पर छोटे-छोटे चेक डैम का प्राक्कलन बनाकर मनरेगा कन्वर्जेंस से कार्य कराएं इसी प्रकार भूमि संरक्षण व वन विभाग भी मां मंदाकिनी नदी के जुड़ने वाले सभी नालों पर भी कार्य कराएं।

उन्होंने डीसी मनरेगा को निर्देश दिए कि जो भी मनरेगा के कार्य विभागों द्वारा कराए गए हैं उनकी गुणवत्ता की जांच अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड के साथ कराएं। खंड विकास अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक हैंड पंप के पास सोक पिट अवश्य बनाए जाएं अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड से कहा कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर शशिकांत त्रिपाठी से संपर्क करके जो मां मंदाकिनी गंगा में वाटर ग्राउंड के कार्य कराए गए हैं उसमें जल स्तर का आकलन कराएं की कितनी जल की बढ़ोतरी हुई है।

डीसी मनरेगा से यह भी कहा कि मनरेगा योजना के अंतर्गत वाटर रिचार्जिंग के कार्य अधिक से अधिक पूरे जनपद में कराए जाएं प्रत्येक ब्लॉक में शासकीय जमीन चिन्हित करा कर दस इको पार्क भी बनाए जाएं तथा गणेश बाग के पास राम कथा पार्क का सुंदरीकरण कराया जाए।

उन्होंने कहा कि सभी विभाग जो भी कार्य मंदाकिनी नदी के पुनर्जीवित के अधूरे हैं उन्हें 15 दिन के अंदर पूर्ण कराएं उन्होंने कहा कि जितने कार्य कराए गए हैं वन विभाग द्वारा प्रत्येक कार्य पर वृक्षारोपण भी कराया जाए।कहा कि भरतकूप के क्षेत्र के अंतर्गत जो भी नदी नाले आ रहे हैं उन पर भी कार्य योजना तैयार कराकर कार्य कराए जाएं। अधिशासी अभियंता जल संस्थान को निर्देश दिए कि जो सीवर प्लांट लगे हैं उनका निरंतर संचालन कराया जाए।

अधिशासी अभियंता सिंचाई, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद कर्वी तथा खंड विकास अधिकारियों से कहा कि अपने अपने क्षेत्र में निरंतर मां मंदाकिनी गंगा की साफ-सफाई कराएं जो शहर के नाले हैं उनकी टैपिंग की व्यवस्था के लिए जो पत्र शासन को पत्र भेजा गया है उसकी भी जानकारी कर अवगत कराएं कि किस स्तर पर लंबित है। जो भी कार्य कराए गए हैं उनका पूरा विवरण के साथ जियो टैगिंग भी कराई जाए।

जिलाधिकारी ने शोधकर्ता प्रोफेसर शशिकांत त्रिपाठी से कहा कि जो आपने मां मंदाकिनी नदी पर शोध किया है उसका पूरा विवरण उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अधिकारियों को उपलब्ध करा दें जो आप द्वारा सुझाव दिए जाएंगे उनका अनुपालन कराया जाएगा। सी ई ओ मझगवां मध्य प्रदेश अशोक मिश्रा ने बताया कि ब्रह्म कुंड आश्रम के पास उद्गम स्थल से मनरेगा कन्वर्जेंस के अंतर्गत 636 कार्य कराए जा रहे हैं जिसमें सोक पिट, तालाब, डपटेल, नालों की खुदाई आदि सहायक नालों में छोटी छोटी नदियों पर कार्य कराए जा रहे हैं तथा गत वर्ष भी कराए गए हैं अन्य विभागों के पास कोई धनराशि नहीं है मनरेगा के अंतर्गत ही कार्यों को कराया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने मध्यप्रदेश के अधिकारियों से कहा कि चितहरा के पास जो नहर की टेल आ रही है उसका मूवमेंट मां मंदाकिनी गंगा से जोड़ा जाए इस पर भी आप लोग कार्यवाही सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने लूज बोल्डर चेक डैम, अवरोध वंड, सोक पिट , स्ट्रिप ट्रेंच, सामुदायिक तालाब, प्राकृतिक नदी नालों, ग्राउंड वाटर रिचार्ज, बंधी निर्माण, चैकडैम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, गैवियन स्ट्रक्चर, गली प्लग, अर्दन बंड आदि विभिन्न कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई ।

बैठक में प्रशिक्षु आईएफएस विकास यादव, जिला विकास अधिकारी आरके त्रिपाठी, डीसी मनरेगा दयाराम यादव, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड बी बी सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई प्रखंड प्रथम आशुतोष कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी हिमांशु पांडेय, हरि राज सिंह, बाल गोविंद यादव, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद करबी नरेंद्र मोहन मिश्र, सहित उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश के अधिकारी व मां मंदाकिनी गंगा आरती ट्रस्ट के अश्वनी कुमार अवस्थी सहित संबंधित लोग मौजूद रहे।