अन्नदाता के सम्मान के साथ हो रहा खिलवाड़

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रोहनिया। मोहनसराय बैरवन में बुधवार को सुबह 10 बजे किसानों से संवाद में पहुंचे दिल्ली के पूर्व सांसद महाबल मिश्रा ने नरेंद्र मोदी सरकार के किसान विरोधी तीनों कानून को काला कानून बताया। महाबल मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री का बनारस में आकर के किसान विरोधी कानून के पक्ष में बयान देना और किसानो के अन्दोलन को भ्रम का शिकार बताना उनके सत्ता के मद में चूर अहंकार को दशार्ता है। 2014 से ही किसानों के साथ लगातार धोखा का परिणाम है कि आज पूरे देश के किसानों का विश्वास भाजपा सरकार खो चुकी है जिसका परिणाम है कि किसान अब संकल्प के साथ निर्णायक और आरपार की लड़ाई के लिए दिल्ली को चारों तरफ से घेर लिया है।

अन्दोलनरत किसानों पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग और अनर्गल आरोप प्रत्यारोप भाजपा सरकार , संगठन और उनके आईटी सेल द्वारा करके अन्नदाता के सम्मान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। मिश्रा ने आरोप लगाया कि साजिश के तहत भारतीय जनता पार्टी किसान आंदोलन को उग्र करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना कर एवं ओछा बयान के कुचक्र से किसानों को भड़काकर आंदोलन को गलत रूप देना चाहती है लेकिन आज देश का किसान पूरे होशो हवास के साथ अब सड़क पर इस संकल्प के साथ आया है किसान विरोधी सरकार का ईट से ईट बजाना है और अपने हक और अधिकार को लेकर के ही अपने घरों और खेतों में जाना है।

किसानों ने एक स्वर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार से मांग किया कि कानून में न्यूनतम समर्थन मूल्य के प्रावधान को सुनिश्चित किया जाय, कांट्रैक्ट फार्मिंग की एक निश्चित सीमा एवं आवश्यक वस्तु के भंडारण पर एक निश्चित मापदंड तैयार किये जाने हेतु स्वस्थ दिमाग से इमानदारी पूर्वक किसानो से सम्वाद कर सहमति बनायी जाय अन्यथा किसान मुहतोड जबाब देगे। किसान सम्बाद कार्यक्रम का संयोजन विनय शंकर राय मुन्ना ने किया प्रमुख रूप से मेवा पटेल , दिनेश तिवारी, बलिराम पटेल, विजय शाह, खिलाडी उपाध्याय, अमृत लाल पटेल, प्रेम शाह, सुन्नर पटेल इत्यादि लोग शामिल थे।