करणी सेना ने के पदाधिकारियों ने शोशल डिस्टेन्स को ध्यान में रखते हुए मनाई महाराणा प्रताप की जयंती

शोशल डिस्टेसिंग का रखा गया विशेष ख्याल

आज मयूर विहार धौली प्याऊ पार्क में महाराणा प्रताप की जयंती सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए महाराणा प्रताप जयंती मनाई कोरोना जैसी महामारी को देखते हुए ज्यादा भीड़ एकत्रित नहीं की सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए पुष्प व फूल माला अर्पित की गयी व महाराणा प्रताप की जंयती के मौके पर प्रमुख रूप से कुँवर नरेंद्रसिंह,गोविंद सिंह ,विक्रम सिंह करणी सेना जिला अध्यक्ष,संजय सिंह परमार,करन सिंह एवं अरुण सिंह चौहान करणी सेना प्रदेश आईटी प्रभारी उत्तर प्रदेश उपस्थित रहे,इस मौके पर वक्ताओं ने महाराणा प्रताप की कहानियां सुनकर गर्व का अनुभव होता है। राजस्थान के कुम्भलगढ़ फोर्ट जिला के कुम्भलगढ़ दुर्ग (पाली) में 9 वीं 1540 में राजपूत राजवंश के राजा महाराणा उदय सिंह के घर में जन्मे बालक ने हिन्दुस्तान के सबसे बड़े मुगल सम्राट अकबर की अधीनता कभी स्वीकार नहीं की।

राजस्थान के वीर सपूत महान योद्धा अदभुत शौर्य और साहस के प्रतीक माता महाराणी जयंती बाई (जीवंत कुवंर) लाडले महाराणा प्रताप सिंह सिसौदिया मेवाड़ में सिसोदिया. राजपूत राजवंश के राजा थे। कुँवर नरेंद्र सिंह जी ने कहा कि महाराणा प्रताप एक महान योद्धा थे इस बार कोरोना वायरस के चले जयंती धूमधाम से नही मना पा रहे है

वही अरुण चौहान करणी सेना प्रदेश प्रभारी आईटी ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस बार कोरोना वायरस के चले महाराणा प्रताप जी की जयंती उस तरह नही माना पाये जैसे हर वर्ष मनाते थे पर उनके बताए पथ हुये मार्ग पर हम सभी को चलने का प्रयास अवशय करना चाहिए और सभी से यही आग्रह किया कि आप सभी घर मे रह कर महाराणा प्रताप की जयंती मनाए साथ ही कहा कि शाम को 8 बजे सभी अपने घर मे 5 दीए जरूर चलाए क्योंकि आज एक ऐसे महान योद्धा की जयंती है जिसने जंगलों में रह कर मुगलों से युद्ध किया और मेवाड़ को बचाए रखा

अंत में करणी सेना के जिला अध्यक्ष ठाकुर विक्रम सिंह ने कहा कि जब तक सूरज चंद रहेगा महाराणा प्रताप का नाम रहेगा वीर पुरुष महायोद्धा के चरणों मे बारंबार प्रणाम !