महिला का पति ही निकला उसका क़ातिल पुलिस ने किया खुलासा

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महिला की हत्या की घटना का सफल अनावरण करते हुये अभियुक्त को आलाकत्ल हसिया के साथ गिरफ्तार किया

राजापुर चित्रकूट- रैपुरा थाना क्षेत्र के खजुरिहा कला गाँव में चार दिन पहले एक गर्भवती महिला की पति के द्वारा हत्या कर दी गई थी और हत्यारा पुलिस को गुमराह कर रहा था, लेकिन पुलिस की तप्तीश में पति ही हत्यारा निकला। रैपुरा थाना पुलिस द्वारा क्षेत्राधिकारी राजापुर के कार्यालय में अभियुक्त को लाकर मीडिया के समक्ष हत्या का जुर्म कबूल किया।

बताते चलें कि रैपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत 28/29 की रात संगीता देवी की हत्या पति रामराज कुशवाहा द्वारा चरित्र पर शंका करते हुए अपनी पत्नी की हत्या धारदार हँसिए से कर दी गई थी। क्षेत्राधिकारी रामप्रकाश ने बताया कि अभियुक्त रामराज कुशवाहा द्वारा थाना रैपुरा में दो नामजद व पाँच अज्ञात लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें सन्तोष कुमार पुत्र रामप्रसाद व सावित्री पत्नी हरिमोहन उर्फ गप्पू निवासी खजुरिहाकला थाना रैपुरा में दर्ज कराया था

लेकिन विवेचक प्रभारी निरीक्षक सुशीलचन्द्र शर्मा ने अपने तप्तीश व पति रामराज कुशवाहा के बयानों के आधार पर शंका हुई कि वादी द्वारा जो मुकदमा दर्ज कराया गया है वह झूठा और असत्य है। कड़ी जाँच करने के बाद पता चला कि वादी ही अपनी पत्नी का असली हत्यारा निकला तथा अभियुक्त रामराज कुशवाहा के बयानों के आधार पर तथा उसी के निशानदेही पर आलाकत्ल हथियार धारदार हंसिया बरामद किया गया है।

क्षेत्राधिकारी राजापुर ने बताया कि अभियुक्त रामराज व पड़ोसी सन्तोष कुमार का जमीनी विवाद चल रहा था व नामजद आरोपी सावित्री का बटवारे को लेकर लगातार अक्सर गाली – गलौज व धमकी देने के कारण उन्हें दोनों को नामजद अभियुक्त बना दिया था।

अभियुक्त रामराज कुशवाहा ने बताया कि काफी दिनों से मुझे शंका होती थी कि मेरी पत्नी संगीता चरित्रहीन है और अक्सर मेरे साढ़ू का लड़का सूरज अक्सर मेरे घर आता जाता था तथा गाँव के ही एक ब्राह्मण परिवार के लड़के के साथ पत्नी के सम्बन्धों को लेकर हमेशा मेरे दिमाग में शंका बनी रहती थी इसी कारण मैं अपनी पत्नी से पूंछ तांछ करते हुए मारा पीटा करता था, न बताने के कारण 28/29 की रात मैने सोते समय अपनी गर्भवती पत्नी संगीता के ऊपर धारदार हँसिए से वार करते हुए जान से मार डाला और अपने को बचाने के लिए दूसरों के ऊपर एफआईआर दर्ज करा दिया।

जब पुलिस को शंका हुई कि पंजीकृत अभियुक्त निर्दोश हैं तभी पुलिस द्वारा कड़ाई से पूँछ तांछ करने पर मैंने घटना को सही – सही बताकर अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

क्षेत्राधिकारी रामप्रकाश ने बताया कि अभियुक्त को जुर्म कबूल लेने के कारण जेल भेज दिया गया है।