सरकारी योजनाओं का गरीब को नहीं मिल रहा लाभ,

सरकारी योजनाओं का गरीब को नहीं मिल रहा लाभ,

दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर परिवार

– किसी जनप्रतिनिधि ने गरीब की लाचारी में नही बढ़ाया हाथ

– बीमारी में ही खर्च हो गया पूरा धन , अब गुजारे को मोहताज गरीब परिवार

माधौगढ़ (जालौन) :- कुदरत का कानून क्या सजा दे कौन जानता है लेकिन एक गरीब आज दो बक्त के निवाले के लिए मोहताज है जिसकी आर्थिक सहायता भी किसी जनप्रतिनिधि ने मुहैया नही कराई गांव के ही ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर एक गरीब परिवार का जिक्र किया जिसमे केंसर जैसी धातक बीमारी से पीढ़ित जिन्दगी की आख़री सांसें गिन रहा है पीढ़ित परिवार से जानकारी लेने पर ज्ञात हुआ कि पति मनोज कुमार केंसर जैसी धातक बीमारी से लम्बे समय से पीढ़ित है पूरा धन पति के इलाज मे खर्च हो गया आज पहाड़ सा जीवन है दो बच्चों का बोझ न जमीन न जायदाद न ही सर ढकने के लिए छत्त कई बार जिम्मेदारों से आवास व सरकार की योजनाओं का लाभ देने की बात की गयी लेकिन ग्राम प्रधान व अधिकारी व अन्य जनप्रतिनिधि ने भी कोई मदद नही विकास खंड माधौगढ़ की ग्राम पंचायत गढ़िया मजरा डेलपुरा की रहने वाली पीढ़िता दीप्ती का कहना है कि पति मजदूरी कर अपने परिवार का भरनपोषण करते थे केंसर जैसी बीमारी के कारण इलाज मे जमा सारा धन खर्च हो गया आज पति जंदगी की आख़री सांसे ले रहे है हमारी मदद मे किसी भी जनप्रतिनिधि ने कोई सहयोग नही किया दो मासूम बच्चों का बोझ पहाड़ सा जीवन कैसे कटेगा नौबत ये है कि मासूम को खिलाने के लिए दो बक्त का गुजारा नही है राशन कार्ड ससुर के नाम है जिसमे पति का नाम दर्ज है इसके अलावा बच्चों व मेरा नाम भी अंकित नही कि दो टूक निवाले का इंतजाम हो जाये कई बार दर-दर भटकर जिम्मेदारों से मदद की गुहार लगाई लेकिन किसी भी प्रकार की योजना महज कागजों मे सिमटकर रह गयी तों वहीं गरीबी व लाचारी का हाल जानने के लिए किसी भी जनप्रतिनिधि ना हाथ आगे बढ़ाया ना ही हाल जानने का प्रयास किया। ऐसे मे दीप्ती का कहना है कि पति जंदगी की आख़री सासों से लड़ रहे है ऐसे मे दो मासूमों की बड़ी जिम्मेदारी का बोझ दो बक्त निवाले का इंतजाम कैसे हो।
खंड विकास अधिकारी रमेशचंद्र शर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान मे आया है पीढ़ित परिवार की जाँच की जाएगी। जाँच उपरांत जो भी सरकारी सुविधायें है गरीब परिवार को मुहैया कराई जायेंगी।