दरकती दीवारें लचकती छतों के कारण बृक्ष के नीचे शिक्षा ग्रहण करते नौनिहाल

दरकती दीवारें लचकती छतों के कारण बृक्ष के नीचे शिक्षा ग्रहण करते नौनिहाल

 

कभी भी भरभरा कर ढ़ह सकता है विद्यालय भवन

जगम्मनपुर( जालौन ) प्रदेश सरकार के शिक्षा के प्रति किए जा रहे उपायों को चुनौती देता बेसिक शिक्षा विभाग का जर्जर प्राथमिक विद्यालय भवन कभी भी भरभरा कर ढह सकता है जिससे उसमें शिक्षा ग्रहण करने के लिए आने वाले नॉनिहाल बच्चों के जीवन के संकट की प्रबल संभावना है।
विकासखंड रामपुरा के ग्राम हिम्मतपुर में प्राथमिक विद्यालय है जिसमें प्रधानाध्यापक सुधर सिंह सेंगर एवं सहायक अध्यापक आशीष निरंजन आधा सैकड़ा छात्र छात्राओं को विद्यालय भवन के बाहर एक वृक्ष के नीचे बैठ कर शिक्षा ग्रहण कराने को मजबूर हैं । इस संदर्भ में जब ग्राम प्रधान हिम्मतपुर सत्येंद्र राठौर एवं प्रधानाध्यापक सुघर सिंह से पूछा गया उन्होने बच्चों के जीवन की सुरक्षा का हवाला देते हुए बताया कि पूरा विद्यालय भवन जर्जर है। दीवारें बुरी तरह से दरकी हुई है एवं छतों की हालत बहुत खराब है बर्षा ऋतु में छतों का पानी परनाले से निकलने की वजाय कमरों के अंदर टपकता है जिससे बच्चो के कपडे कापी किताबें भींग कर खराब हो जाती है , कभी भी यह भवन धाराशाही हो सकता है अतः नौनिहाल छात्र-छात्राओं के जीवन से खिलवाड़ करने से अच्छा है कि उन्हें पेड़ के नीचे सुरक्षित बैठाकर शिक्षा ग्रहण कराई जाए । ग्राम प्रधान ने बताया कि विद्यालय भवन की खराब हालत के बारे में संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है लेकिन अभी तक इस भवन के पुनर्निर्माण हेतु कोई कारगर उपाय नहीं हुए हैं।