कोटरा सड़क का भविष्य अभी भी निश्चित नहीं

कोटरा सड़क का भविष्य अभी भी निश्चित नहीं

सांसद व विधायक के कहने पर भी लोक निर्माण विभाग मौन

कोटरा (जालौन)। यह वही सड़क है जो कोटरा में बने बेतवा पुल से लेकर ग्राम बिनौरा तक यात्रियों को खून के आँसू रुलाती है। यह सड़क शासन द्वारा स्वीकृत हो गयी है, इसे अब सिंगल नहीं डबल किया जा रहा है, अब इसका ठेका दिया जा चुका है, अब यह बनने ही वाली है आदि अनेक तरह के कयास पिछले दो वर्षों से लगाए जा रहे हैं परन्तु आज भी यह स्पष्ट नहीं हो सका कि आखिर वे कौन से कारण हैं कि गत दिनों मीडिया की सुर्खियों में रही कोटरा सड़क आज भी अपने निर्माण की प्रतीक्षा में अंतिम सांसें ले रही है जबकि क्षेत्रीय सांसद भानु प्रताप वर्मा और सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा दोनों ही लोक निर्माण विभाग से इसके शीघ्र निर्माण के लिए चिट्ठी लिख कर आग्रह कर चुके हैं। दोनों जन प्रतिनिधियों ने शासन को ये पत्र गत जुलाई माह में लिखे थे।
अतः स्पष्ट है कि दो माह से भी अधिक समय बीत जाने पर भी सड़क निर्माण की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं की गयी। यह स्थिति सरकार के सुशासन पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह लगाने के आलावा किसी को भी यह सोचने पर विवश करती है कि जब जन प्रतिनिधियों की ही बात नहीं सुनी जा रही है तो आम जनता की तो बिसात ही क्या है। गत सोमवार को नगर पंचायत कोटरा में नारी शक्ति वंदन समारोह के अवसर पर पधारे केन्द्रीय राज्य मंत्री भानु प्रताप वर्मा से लखनऊ अपराध न्यूज चैनल के संवाददाता बृजमोहन खरे के द्वारा सड़क के बारे में पूछने पर जबाब में राज्य मंत्री असहज होते हुए इतना ही कह पाए कि हम प्रयास करेंगे कि यह सड़क मार्च तक बन जाये और जब हम लखनऊ जायेंगे तो इस सम्बन्ध में शासन से बात करेंगे।
मतलब साफ है कि अभी बेतवा पुल चालू होने के समय से क्षतिग्रस्त हुयी सड़क के निर्माण में और भी प्रयास किया जाना बाकी है। इसी तरह गत मंगलवार को सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा भी सड़क के बारे में सवाल करने पर यह कहकर चलते बने कि सड़क इसी मार्च तक बन जाना चाहिए। यह बात समझ से परे है कि “बन जाना चाहिए ” के स्थान पर यह क्यों नहीं कहा गया कि मार्च तक यह सड़क अवश्य बन जाएगी। ऐसा प्रतीत होता है कि 2024 के चुनाव की अधिसूचना जारी होने से पहले यह सड़क नहीं बनेगी अर्थात अभी 6 महीने और इंतजार करना पड़ेगा।