कौशांबी के मासूम की कानपुर में हुई सफल सर्जरी

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कौशांबी के मासूम की कानपुर में हुई सफल सर्जरी

– आरबीएसके टीम के प्रयास से इलाज, परिजनों में खुशी की लहर 

चित्रकूट ब्यूरो: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कायर्क्रम (आरबीएसके) टीम शिवरामपुर का दायरा बढ़ रहा है। यह टीम अब दूसरे जिलों के बच्चों को भी इस कायर्क्रम से लाभान्वित करा रही है। हाल ही में टीम ने कौशाम्बी जिले की एक बच्ची की मुफ्त सजर्री कराई। इससे मासूम के माता-पिता और रिश्तेदारों में खुशी की लहर है।
कौशांबी जिले के सिराथू तहसील के अमृतापुर गाँव निवासी अनूप सिंह की पत्नी संगीता ने माचर् 2019 में बच्ची को जन्म दिया, उसका नाम रखा गया अनुष्का। जन्म के बाद परिवार की महिलाओं ने देखा कि उसका तालू कटा हुआ है। इस पर माता-पिता, अन्य पारिवारिक सदस्यों के साथ रिश्तेदार भी मायूस हो गए। सभी बच्ची के बड़े होने पर इलाज की सोच रहे थे। कितना खचार् लगेगा और रुपयों का बंदोबस्त कैसे होगा। ऐसी ऊहापोह में एक लंबा वक्त निकल गया और अनुष्का करीब साढ़े तीन वषर् की हो गई। अनूप ने बताया कि साढू भाई शैलेन्द्र कुमार के जरिए आरबीएसके टीम शिवरामपुर के फिजियोथेरेपिस्ट प्रदीप नामदेव और डा शशांक पाण्डेय से संपकर् हुआ। चार मई 2022 को कानपुर के लीलामणि अस्पताल में बच्ची की मुफ्त सजर्री हो गयी। सजर्री से माता-पिता के साथ रिश्तेदारों में खुशी की लहर दौड़ गयी। मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ भूपेश द्विवेदी ने बताया कि लीलामणि अस्पताल कानपुर के डॉ समीर सक्सेना ने मासूम की सफल सजर्री की। उन्होंने बताया कि प्रयास है कि जन्मजात दोष वाले बच्चों का इलाज सरकारी खचेर् पर कराया जाए।
——यहाँ दें जानकारी—–
सीएमओ ने बताया कि ऐसे बच्चों की जानकारी प्राथमिक विद्यालय, आंगनवाड़ी केंद्र में दें। यहाँ आरबीएसके टीम समय समय पर जाती रहती है। इसके साथ उन (सीएमओ) के मो. 8005192648 और आरबीएसके नोडल अधिकारी डाॅ राजेश कुमार आजाद के मो. 9005750922 पर जानकारी दे सकते हैं।
——क्या है आरबीएसके—–
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कायर्क्रम के नोडल अधिकारी अपर सीएमओ डा राजेश कुमार आजाद ने बताया कि शून्य से 19 साल तक के बच्चों के इलाज के लिए आरबीएसके काम करता है। इसके तहत 4 डी (फोर डिफेक्ट) यानी चार तरह के जन्मजात विकार सहित तकरीबन 40 बीमारियों  के लिए परामशर् व सरकारी खचेर् पर इलाज कराया जाता है। इसमें ह्दर्य रोग, बहरापन, मोतियाबिंद, कटे होठ, कटे तालू, मुडे पैर, एनीमिया, दांत टेडे मेढे होना, बिहैवियर डिसआडर्र, लनिंर्ग डिसआडर्र, डाउन सिंड्रोम, हाइड्रोसिफलिस, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट आदि बीमारियां प्रमुख हैं। आरबीएसके इन बीमारियो से चिन्हित बच्चों का निःशुल्क इलाज, आपरेशन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल मे कराता है। सुधार न होने पर उन्हे हायर सेंटर (मेडिकल कालेज या अन्य किसी अस्पताल) भेजा जाता है। उन्होंने बताया कि 2020-21 में कुल 33 बच्चों की सजर्री कराई गई। जबकि वषर् 2022 में अब तक तकरीबन आधा दजर्न बच्चों की सजर्री कराई गयी है।
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