जब बाल्मीकि का वेश धरे हर घर मे रावण बैठे हों

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कोविड-19 की चुनौती के बीच धर्मनगरी में सम्पन्न हुआ भव्य कवि सम्मेलन

चित्रकूट:- कोरोना महामारी के बीच धर्मनगरी चित्रकूट में भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन सम्पन्न हुआ । जिला मुख्यालय स्थित जेपी इंटर कालेज में प. राजधर परहित सेवा संस्थान और तुलसी काव्य मंच के संयुक्त तत्वाधान में कोविड नियमावली को ध्यान में रखते हुए कवि सम्मेलन का शानदार आयोजन हुआ जिसमें दिल्ली और चित्रकूट से उपस्थित कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत की । कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के दीप प्रज्वलन और वंदना के साथ हुई ।
युवा कवि अतुल उपाध्याय की पंक्तियों

” जब बाल्मीकि का वेश धरे हर घर मे रावण बैठे हो…..” ने खूब वाहवाही बटोरी । गजलकार अम्बिका मिश्र ‘प्रखर’ की पंक्ति “तुम भी ठहरे हो तुम्हे भी गर कोई याद आया हो ,चले आना तुम पास मेरे,गर तुम्हारा दर्द गाया हो” , कवि सुनील नवोदित की पंक्ति “रखोगे धैर्य मन मे तो बलाएं जीत जाएंगी ,भरोगे आस जीवन मे सदाएं जीत जाएंगी” , जय अवस्थी की पंक्ति “शत्रु में वो तेज नही जो हमे मिटा सके ,बस देश के जयचन्दों पर वार होना चाहिए” , कवियित्री शशि यादव की पंक्ति “कवि बनकर नही रहना तुम्हे शमशीर बनना है” एवं कवि राधाकांत पांडेय की पंक्ति “वासना का व्यसन दूर हो तो सही,छोड़ वनवास घर राम आ जाएंगे” की पंक्ति ने कार्यक्रम में खूब तालियां बटोरी।

इसके बाद विशिष्ट अतिथि परहित सेवा संस्थान के अध्यक्ष शंकर प्रसाद द्विवेदी , जेपी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य जेपी मिश्र और मुख्य अतिथि वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ विवेक द्विवेदी का परहित सेवा संस्थान के प्रबंधक और चित्रकूट समाचार के संस्थापक अनुज हनुमत ने मोमेंटो देकर स्वागत किया। प्रबंधक अनुज हनुमत ने विस्तृत रूप से परहित सेवा संस्थान के कार्यो का वर्णन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत सीधी से आये युवा कवि अतुल उपाध्याय ने अपनी रचनाओं से की । इसके बाद दिल्ली से आये कवि राधाकांत पांडेय , चित्रकूट से पं. सुनील नवोदित , कवियित्री शशि यादव, कवि जय अवस्थी और गजलकार अम्बिका मिश्र ‘प्रखर’ ने अपनी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।

कार्यक्रम का संचालन समाजिक चिंतक गणेश मिश्र ने किया। इस दौरान रुक्मणि सेवा संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष अतुल रैकवार , शिवसागर सिंह , सौरभादित्य , अमित द्विवेदी , गौरव करवरिया , पप्पू जायसवाल, समाजसेवी कुणाल सहित आधा सैकड़ा लोग उपस्थित रहे।