बुंदेलखंडी गीत सम्राट देशराज पटेरिया का हृदयाघात से निधन

बुंदेलखंडी गीत सम्राट देशराज पटेरिया का हृदयाघात से निधन

पटेरिया के निधन से बुंदेली गीतों का सूर्य अस्त

जगम्मनपुर, (जालौन)-बुंदेली भाषा में लोकगीतों को अंतर्राष्ट्रीय पहचान देने वाले गायक देशराज पटेरिया का आज सुबह हृदयाघात से निधन हो गया ।
आज शनिवार की सुबह का सूर्य बुंदेलखंड के लिए क्षतियुक्त एवं दुखद सूचना के साथ उदय हुआ जब पता चला कि देश में बुंदेलखंड के गीतों को लोकप्रियता के सर्वोच्च मुकाम पर पहुंचाने वाले गायक देशराज पटेरिया के जीवन का सूर्य अस्त हो गया । श्री पटेरिया के द्वारा गाए गए गीत *”उठो धना बोल गओ मगरी पै कौवा”* …. *”चली गोरी मेला को, साइकिल पै बैठ कै , चला रहे जीजा जी मूंछैं दोउ ऐंठ कै”* सहित सैकड़ों गीत आज भी 35 से 70 साल के लोगों पर चेहरे पर मुस्कान ला देते हैं । आज शनिवार की सुबह 4 बजे बुंदेलखंडी लोकगीतों का यह सूर्य सदा के लिए अस्त हो गया ।
ज्ञात हो कि गत बुधवार श्री पटेरिया को हृदयाघात हुआ। चिकित्सा हेतु उन्हें चिकित्सकीय संरक्षण में रखा गया । इलाज के दौरान आज शनिवार की सुवह उन्हे पुनः दिल का दौरा पड़ा और उनकी हृदय गति रुक गई । वह 67 बर्ष के थे।
श्री पटेरिया जी के निधन की सूचना जैसे ही बुंदेलखंड के गायको एवं संगीत प्रेमियों को प्राप्त हुई उन में शोक की लहर व्याप्त हो गई । जगम्मनपुर (जालौन) निवासी एवं श्री पटेरिया जी के साथ मंच साझा करने वाले साहित्यकार कवि जगतपाल सिंह ने अपने संगीत गुरू श्री पटेरिया जी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।