उरई से भाजपा के गौरीशंकर, माधौगढ़ से मूलचंद्र दूसरी बार जीते

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उरई से भाजपा के गौरीशंकर, माधौगढ़ से मूलचंद्र दूसरी बार जीते
• कालपी से समाजवादी पार्टी के विनोद चतुर्वेदी हुये विजयी
उरई (जालौन)  जालौन जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर आज हुई मतगणना के पश्चात भाजपा के खाते में दो ही सीटें आई जबकि एक सीट सपा ने भाजपा गठबंधन प्रत्याशी को पराजित कर अपनी झोली में डालकर खाता खोल लिया है। पिछले चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की
आंधी के चलते जालौन जिले की तीनों सीटों पर भाजपा ने पहली बार प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज कराई थी। इस चुनाव में भाजपा सिर्फ दो सीट उरई और माधौगढ़ लड़ी थी दोनों पर उसने विजय तो हासिल की लेकिन जीत का अंतर वर्ष 2017 के चुनाव की तुलना में कम रहा। इसका मुख्य कारण भाजपा कार्यकर्ताओं की भाजपा प्रत्याशियों द्वारा
की गई घोर अपेक्षा माना जा रहा है। यदि चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के दोनों प्रत्याशियों द्वारा पार्टी कार्यकर्ताओं की मान मनुव्वल, माफीनामा आदि नहीं की जाती तो परिणाम चौंकाने वाले आते। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी को केंद्र में रखकर किए गए चुनाव प्रचार की बदौलत ही भाजपा के दोनों प्रत्याशी अपनी नैया पार लगाने में कामयाब हो सके। उरई जालौन से भाजपा के गौरी शंकर वर्मा तथा माधौगढ़ से भाजपा के मूलचंद निरंजन दोबारा चुनाव जीतने में सफल रहे हैं। वही कालपी सीट पर गठबंधन निषाद पार्टी प्रत्याशी प्रत्याशी छोटे सिंह चौहान को सपा के विनोद चतुर्वेदी ने लगभग 3000 मतों से पराजित कर दिया और भाजपा से यह सीट छीन कर सपा की झोली में डाल दी है। कालपी सीट से जीते विनोद चतुर्वेदी चुनाव से 6 माह पूर्व ही कांग्रेश छोड़कर सपा में गए थे और प्रचार के दौरान अपना अंतिम चुनाव बताकर जनता से मार्मिक अपील की जिसके चलते हुए चुनाव जीत गए। विनोद चतुर्वेदी ने कांग्रेस के टिकट पर कुल 5 चुनाव लड़े। जिसमें वे सिर्फ 5 एक बार उरई सीट से तब जीत सके जब भाजपा गठबंधन प्रत्याशी जनता दल के सुरेश निरंजन थे। यह उनका छठवां चुनाव था यह चुनाव भी वे तब जीत सके जब भाजपा का सिंबल नहीं था। गठबंधन निषाद पार्टी का सिंबल था। भाजपा शीर्ष नेतृत्व को जालौन जिले के पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी दूर करनी होगी और दोबारा जीते दोनों विधायकों की निगरानी करते हुए नकेल कसनी होगी तभी भाजपा का नारा सबका साथ, सबका विकास, सबका सबका प्रयास साकार हो सकेगा।