सुलह-समझौते के आधार पर रिकार्ड 17,138 मुकदमों का हुआ निस्तारण – राष्ट्रीय लोक अदालत संपन्न

0
60

सुलह-समझौते के आधार पर रिकार्ड 17,138 मुकदमों का हुआ निस्तारण
– राष्ट्रीय लोक अदालत संपन्न

चित्रकूट ब्यूरो: जनपद में इस बार राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन वाद निस्तारण के लिहाज से सवार्धिक सफल रहा। सुलह-समझौते के आधार पर रिकॉडर् 17 हजार से अधिक मामले निस्तारित किए गए। जिसमें सबसे ज्यादा 1008 मामले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने निस्तारित किए।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के तत्वावधान में शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष/जनपद न्यायाधीश राधेश्याम यादव की अध्यक्षता में जिला कचहरी में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें जनपद न्यायाधीश ने तीन सिविल वाद और छह फौजदारी वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश रामकृपाल ने 31 वादों का निस्तारण करते हुए 2,20,500 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाया। अपर जिला जज रविंद्र कुमार श्रीवास्तव ने एक सिविल वाद, एससी/एसटी एक्ट के विशेष न्यायाधीश सतीश चंद्र द्विवेदी ने दो फौजदारी प्रकरण वाद, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश दीप नारायण तिवारी ने अंतिम रिपोटर् के 30 वाद, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनीत नारायण तिवारी ने दो अन्य वाद निस्तारित किए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय कुमार ने सवार्धिक 1008 फौजदारी वादों का निस्तारण करते हुए2,23,850 रुपये का अथर्दंड वसूल किया। सिविल जज (सी.डि.) अरुण कुमार ने एक उत्तराधिकार एवं दो प्रकीणर् वाद निस्तारित करते हुए 9,88,671.87 रुपये का उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया और 12 फौजदारी वादों का निस्तारण करते हुए 240 रुपये अथर्दंड वसूल किया। सिविल जज (सी.डि.) एफ.टी.सी. प्रवीण कुमार ने 132 फौजदारी वादों का निस्तारण करते हुए 2,640 रुपये और पांच एन आई एक्ट के वादों का निस्तारण करते हुए 8,47,900 रुपये, एक अन्य सिविल वाद का निस्तारण करते हुए 1,94,540 रुपए और 12 अन्य प्रकार के वादों का निस्तारण करते हुए 240 रुपये अथर्दंड वसूल किया। सिविल जज (जू.डि.) वसुंधरा शमार् ने 10 मूलवाद, तीन घरेलू हिंसा, 36 फौजदारी वाद निस्तारित करते हुए 7,00,226 रुपये अथर्दंड वसूला। न्यायिक मजिस्ट्रेट संघमित्रा ने 71 फौजदारी वादों का निस्तारण करते हुए 710 रुपये अथर्दंड के रूप में वसूले। मऊ के सिविल जज (जू.डि.) प्रशांत मौयर् ने 110 वादों का निस्तारण करते हुए 6,04,000 रुपये अथर्दण्ड के रूप में वसूल किए। इस दौरान प्री-लिटिगेशन स्तर के 15,060 वादों का निस्तारण किया गया। सभी बैंकों द्वारा 596 प्री-लिटिगेशन वादों का निस्तारण किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूणर्कालिक सचिव विदुषी मेहा ने बताया कि आज राष्ट्रीय लोक अदालत में आपसी समझौते के आधार पर कुल 17,138 मुकदमों का निस्तारण किया गया है। इस मौके पर संबंधित न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता व कमर्चारी मौजूद रहे।

#बुन्देलखण्ड_दस्तक #आन्या_एक्सप्रेस
#चित्रकूट #जालौन   #ताजा_खबरें #न्यूज_उपडेट #उरई #झांसी #कानपुर #महोबा #हमीरपुर #डैली_उपडेट #ताजा_खबर #bundelkhandnews #bundelkhanddastak #बुंदेलखंडदस्तक